*दास्तानें करबला, क़िस्त-10*
*जल्लाद इब्ने ज़्याद*
*जब इब्ने ज़्याद को पता चला की मुस्लिम (रज़िअल्लाहु तआला अन्हु) को हानी ने पनाह दे रखी है, तो उसने अपनी फौज भेजकर हज़रत हानी को गिरफ़्तार कर लिया और इस तरह कूफ़ा के दूसरे रुऊसा (अमीर) और लीडरों को भी किले मे बंद कर लिया....*
*हजरत इमाम मुस्लिम रज़िअल्लाहु तआला अन्हु* को इस सूरते हाल का पता चला, तो आपकी रगे हाशमी जोश में आई। आप ने अपने दोनो बच्चों को *काज़ी-ए-शहर* के घर रवाना करके अहले बैअत से मुहब्बत रखने वालों को जमा किया....तो *उन लोगो ने मिलकर शाही महल जिसमें कूफ़ा के लीडर क़ैद थे उस को घेर लिया।*
*क़रीब था कि, इब्ने ज़्याद और उसके साथी गिरफ़्तार हो जाते*, लेकिन इब्ने ज़्याद ने एक चाल चली, वह यह की उसने कूफ़े के जिन जिन बड़े आदमियों को किले में क़ैद कर रखा था.... उन्हें मजबूर किया कि मुस्लिम (रज़िअल्लाहु तआला अन्हु) से अलग हो जाये। यह लोग इब्ने ज़्याद के क़ैद मे थे और जानते थे कि, अगर लोगों ने क़िले पर हमला किया और इब्ने ज़्याद को अगरचे शिकस्त हुई, फिर भी वह क़िला फ़तह होने तक उनका ख़ात्मा कर देगा।
इस खौफ से वह घबरा उठे और क़िले की दीवार पर चढ़कर चिल्लाये कि......
*"भाईयों ! हज़रत मुस्लिम की हिमायत तुम्हारे लिए खतरनाक है, हुकुमत तुम्हारी दुश्मन हो जाएगी, यजीद तुम्हारे बच्चे बच्चे को मरवा डालेगा, तुम्हारे माल लुटवा देगा, तुम्हारी जागीरें और मकान ज़ब्त हो जायेंगे,* और अगर तुम इमाम मुस्लिम के साथ रहे तो देखो हम जो इब्ने ज़्याद की क़ैद में हैं क़िले के अंदर ही मारे जाएगें। अपने अंजाम पर नज़र डालो, हमारे हाल पर रहम करो और अपने घर चले जाओ"
इब्ने ज़्याद की यह चाल कामयाब रही और इमाम मुस्लिम का लश्कर बिखरने लगा। *सब बेवफाई पर उतर आये हज़रत इमाम मुस्लिम का साथ छोड़ने लगे हत्ता कि शाम तक हजरत मुस्लिम के साथ सिर्फ पांच सौ (500) की तअ्दाद रह गयी*
🌒 गुरूबे आफताब के बाद जब अंधेरा हुआ तो वह भी साथ छोड़ गये और इमाम मुस्लिम तन्हा रह गये..........
📗सिर्रूश्शहादतैन, सफ़ह-16,
📘सवानेह करबला सफ़ह-5,
📗तज़किरा-ए-हुसैन सफ़ह-36)
*सबक़*
*हजरत इमाम हुसैन* रज़िअल्लाहु तआला अन्हु और अहले बैअ्त की मुहब्बत व वफ़ा के इन दावेदारो के सारे वादे झूठे थे यह लोग वक़्त पर बेवफा साबित हुए।
👉🏼 मालूम हुआ कि अहले बैअत की मुहब्बत का दावा करने वाला हर दावेदार सच्चा नहीं होता बल्कि कुछ गद्दार भी होते हैं.......
*(इन्शा अल्लाहुर्रहमान बाक़ी अगली पोस्ट में)*
*मिन जानिब जमाअत रज़ा ए मुस्तफ़ा गुमला झारखंड इंडिया*
*Next........*
*अपने दोस्तों रिश्तेदारों को शेयर करें ताकि वह भी अपने इल्मे दीन में इज़ाफ़ा करने के लिए हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़ें👇🏿*
https://chat.whatsapp.com/GxA2xefFuyu2yjEWjmlvpu
*__________________________*
*🌹 तालिबे दुआ 🤲👇*
*ग़ुलामे ताजुश्शरिअह अब्दुल्लाह रज़वी क़ादरी, मुरादाबाद यूपी भारत-🌹*
🌹🌿☘️🌳☘️🌿🌹
*🌹-मसलके आलाहज़रत-🌹*
*🌹ज़िन्दाबाद 🌹*
🌷🌺🌸🌻🌸🌺🌷