Sunday, November 15, 2020

ઈદે મિલાદ પર ખર્ચ કરને કા ફાયદા.

हज़रत ओरंगजेब आलमगीर रहमतुल्लाह तआला अलैह द्वारा किया गया एक ऐसा इन्साफ

मथुरा से 10 km दूर बलदाऊ मन्दिर के गेट पर लिखी इस मंदिर की कहानी,
बादशाह औरंगजेब को बदनाम करने वाले  घ्यान से पढ लें
महान शासक हज़रत ओरंगजेब आलमगीर रहमतुल्लाह तआला अलैह द्वारा किया गया एक ऐसा इन्साफ , जिसे देश की जनता से छुपाया गया l

औरंगजेब रह° काशी बनारस की एक ऐतिहासिक मस्जिद (धनेडा की मस्जिद) यह एक ऐसा इतिहास है जिसे पन्नो से तो हटा दिया गया है लेकिन निष्पक्ष इन्सान और हक़ परस्त लोगों के दिलो से (चाहे वो किसी भी कौम का इन्सान हो) मिटाया नहीं जा सकता, और क़यामत तक मिटाया नहीं जा सकेगा…।औरंगजेब आलमगीर रह° की हुकूमत में काशी बनारस में एक पंडित की लड़की थी जिसका नाम शकुंतला था,

उस लड़की को एक मुसलमान जाहिल सेनापति ने अपनी हवस का शिकार बनाना चाहा, और उसके बाप से कहा के तेरी बेटी को डोली में सजा कर मेरे महल पे 7 दिन में भेज देना…. पंडित ने यह बात अपनी बेटी से कही, उनके पास कोई रास्ता नहीं था और पंडित से बेटी ने कहा के 1 महीने का वक़्त ले लो कोई भी रास्ता निकल जायेगा…।

पंडित ने सेनापति से जाकर कहा कि, “मेरे पास इतने पैसे नहीं हैं के मैं 7 दिन में सजाकर लड़की को भेज सकूँ, मुझे महीने का वक़्त दो.” सेनापति ने कहा “ठीक है! ठीक महीने के बाद भेज देना” पंडित ने अपनी लड़की से जाकर कहा “वक़्त मिल गया है अब?”लड़की ने मुग़ल सहजादे का लिबास पहना और अपनी सवारी को लेकर दिल्ली की तरफ़ निकल गई, कुछ दिनों के बाद दिल्ली पहुँची, वो दिन जुमे का दिन था,

और जुमे के दिन औरंगजेब आलमगीर रह° नमाज़ के बाद जब मस्जिद से बहार निकलते तो लोग अपनी फरियाद एक चिट्ठी में लिख कर मस्जिद की सीढियों के दोनों तरफ़ खड़े रहते, और हज़रत औरंगजेब आलमगीर रह° वो चिट्ठियाँ उनके हाथ से लेते जाते, और फिर कुछ दिनों में फैसला (इंसाफ) फरमाते, वो लड़की (शकुंतला) भी इस क़तार में जाकर खड़ी हो गयी,

उसके चहरे पे नकाब था, और लड़के का लिबास (ड्रेस) पहना हुआ था, जब उसके हाथ से चिट्ठी लेने की बारी आई तब हज़रत औरंगजेब आलमगीर रह° ने अपने हाथ पर एक कपडा डालकर उसके हाथ से चिट्ठी ली… तब वो बोली महाराज! मेरे साथ यह नाइंसाफी क्यों? सब लोगों से आपने सीधे तरीके से चिट्ठी ली और मेरे पास से हाथों पर कपडा रख कर ???

तब औरंगजेब आलमगीर रह° ने फ़रमाया के इस्लाम में ग़ैर मेहरम (पराई औरतों) को हाथ लगाना भी हराम है… और मैं जानता हूँ तू लड़का नहीं लड़की है…शकुंतला बादशाह के साथ कुछ दिन तक ठहरी, और अपनी फरियाद सुनाई, बादशाह हज़रत औरंगजेब आलमगीर रह° ने उससे कहा “बेटी! तू लौट जा तेरी डोली सेनापति के महल पहुँचेगी अपने वक़्त पर…” शकुंतला सोच में पड गयी के यह क्या?

वो अपने घर लौटी और उसके बाप पंडित ने पूछा क्या हुआ बेटी? तो वो बोली एक ही रास्ता था मै हिन्दोस्तान के बादशाह के पास गयी थी, लेकिन उन्होंने भी ऐसा ही कहा कि डोली उठेगी, लेकिन मेरे दिल में एक उम्मीद की किरण है, वो ये है के मैं जितने दिन वहाँ रुकी बादशाह ने मुझे 15 बार बेटी कह कर पुकारा था… और एक बाप अपनी बेटी की इज्ज़त नीलाम नहीं होने देगा…।

 फिर वह दिन आया जिस दिन शकुंतला की डोली सजधज के सेनापति के महल पहुँची, सेनापति ने डोली देख के अपनी अय्याशी की ख़ुशी फकीरों को पैसे लुटाना शुरू किया…। जब पैसे लुटा रहा था तब एक कम्बल-पोश फ़क़ीर जिसने अपने चेहरे पे कम्बल ओढ रखी थी… उसने कहा “मैं ऐसा-वैसा फकीर नहीं हूँ, मेरे हाथ में पैसे दे”,

उसने हाथ में पैसे दिए और उन्होंने अपने मुह से कम्बल हटा तो सेनापति देखकर हक्का बक्का रह गया क्योंकि उस कंबल में कोई फ़क़ीर नहीं बल्कि औरंगजेब आलमगीर रह° खुद थे…। उन्होंने कहा के तेरा एक पंडित की लड़की की इज्ज़त पे हाथ डालना मुसलमान हुकूमत पे दाग लगा सकता है, और औरंगजेब आलमगीर रह° ने इंसाफ फ़रमाया 4 हाथी मंगवाकर सेनापति के दोनों हाथ और पैर बाँध कर अलग अलग दिशा में हाथियों को दौड़ा दिया गया…

और सेनापति को चीर दिया गया… फिर आपने पंडित के घर पर एक चबूतरा था उस चबूतरे के पास दो रकात नमाज़ नफिल शुक्राने की अदा की, और दुआ कि के, “ऐ अल्लाह! मैं तेरा शुक्रगुजार हूँ, के तूने मुझे एक ग़ैर इस्लामिक लड़की की इज्ज़त बचाने के लिए, इंसाफ करने के लिए चुना…। फिर औरंगजेब आलमगीर रह° ने कहा “बेटी! एक ग्लास पानी लाना!”

लड़की पानी लेकर आई, तब आपने फ़रमाया कि:“जिस दिन दिल्ली में मैंने तेरी फरियाद सुनी थी उस दिन से मैंने क़सम खायी थी के जब तक तेरे साथ इंसाफ नहीं होगा पानी नहीं पिऊंगा…। ”तब शकुंतला के बाप (पंडित जी) और काशी बनारस के दूसरे हिन्दू भाइयों ने उस चबूतरे के पास एक मस्जिद तामीर की, जिसका नाम “धनेडा की मस्जिद” रखा गया… और पंडितों ने ऐलान किया के ये बादशाह औरंगजेब आलमगीर रह° के इंसाफ की ख़ुशी में हमारी तरफ़ से इनाम है… और सेनापति को जो सजा दी गई वो इंसाफ़ एक सोने की तख़्त पर लिखा गया था जो आज भी धनेडा की मस्जिद में मौजुद है

બેનમાઝીયો કે નામ એક પૈગામ

Saturday, November 14, 2020

शबे जुमुआ का दुरुद शरीफ

*शबे जुमुआ का दुरुद शरीफ*
بِسْــــمِ اللّٰهِ الرَّحْمٰنِ الرَّحِىْمِ
الصــلوة والسلام‎ عليك‎ ‎يارسول‎ الله ﷺ

बुज़ुर्गो ने फ़रमाया की जो शख्स हर शबे जुमुआ (जुमुआ और जुमेरात की दरमियानी रात, जो आज है) इस दुरुद शरीफ को पाबंदी से कम अज़ कम एक मर्तबा पढेगा तो मौत के वक़्त सरकारे मदीना ﷺ की ज़ियारत करेगा और कब्र में दाखिल होते वक़्त भी, यहाँ तक की वो देखेगा की सरकारे मदीना ﷺ उसे कब्र में अपने रहमत भरे हाथो से उतार रहे है.
بِسْــــمِ اللّٰهِ الرَّحْمٰنِ الرَّحِىْمِ

اللّٰھُمَّ صَلِّ وَسَلّـِمْ وبَارِکْ عَلٰی سَیّـِدِ نَا مُحَمَّدِنِ النَّبِیِّ الْاُمّـِىِّ الْحَبِیْبِ الْعَالِی الْقَدْرِ الْعَظِیْمِ الْجَاھِ  وَعَلٰی  اٰلِهٖ وَصَحْبِهٰ وَسَلّـِم

*अल्लाहुम्म-सल्ली-वसल्लिम-व-बारीक-अ'ला-सय्यिदिना-मुहम्मदीन-नबिय्यिल-उम्मिय्यिल-ह्-बिबिल-आ'लिल-क़द्रील-अ'ज़िमील-जाहि-व-अ'ला आलिही व-स्ह्-बिहि व-सल्लिम*

*सारे गुनाह मुआफ़*
     हज़रते अनस رضي الله عنه से मरवी है, हुज़ूर صلى الله عليه وسلم ने फ़रमाया : जो शख्स जुमुआ के दिन नमाज़े फज्र से पहले 3 बार 
اٙسْتٙغْفِرُ اللّٰهٙ الّٙذِىْ لٙآ اِلٰهٙ اِلّٙا هُوٙوٙاٙتُوْبُ اِلٙيْهِ
पढ़े उस के गुनाह बख्श दिये जाएंगे अगर्चे समुन्दर की झाग से ज़्यादा हो।
*✍🏽अलमुजमुल अवसत लीत्तिब्रनि, 5/392, हदिष:7717*
*✍🏽फैज़ाने जुमुआ, 17*
*___________________________________*
मिट जाए गुनाहो का तसव्वुर ही दुन्या से, 
गर होजाये यक़ीन के.....
*अल्लाह सबसे बड़ा है, अल्लाह देख रहा है...*
*___________________________________*
Juma Mubarak
Duoa me Yad.🌹

Sunday, October 25, 2020

सरकार_की_आमद_मरहबा

*अलिफ़ ने कहा- अल्लाह का रसूल आ रहा है*
*बे ने कहा- बानी-ए-इस्लाम आ रहा है*
*ते ने कहा- ताजदार-ए-मदीना आ रहा है*
*से ने कहा- सरूत वाला आ रहा है*
*जीम ने कहा- जलील-उल-क़द्र आ रहा है*
*हे ने कहा- हबीब-ए-खुदा आ रहा है*
*खे ने कहा- खातिम-उन-नबीइन आ रहा है*
*दाल ने कहा- दोनों जहाँ का वाली आ रहा है*
*ज़ाल ने कहा- ज़ालिक-उल-किताब कहने वाला आ रहा है*
*रे ने कहा- रहमतल्लिल आलमीन आ रहा है*
*ज़े ने कहा- ज़माने का इमाम आ रहा है*
*सीन ने कहा- साक़ी-ए-कौसर आ रहा है*
*शीन ने कहा- शाफ़-ए-महशर आ रहा है*
*स्वाद ने कहा- सादिक़-ओ-अमीन आ रहा है*
*ज़्वाद ने कहा- ज़ईफों का मावी आ रहा है*
*तो ने कहा- ताहिर-ओ-मुतहर आ रहा है*
*ज़ो ने कहा- ज़ुल्म मिटाने वाला आ रहा है*
*ऐन ने कहा- एनुल हक़ आ रहा है*
*गैन ने कहा- ग़रीबो का मसीहा आ रहा है*
*फ़े ने कहा- फ़क़ीरों का मौला आ रहा है*
*काफ़ ने कहा- कमली वाला मुहम्मद आ रहा है*
*क़ाफ़ ने कहा- क़ल्ब का सुकून आ रहा है*
*लाम ने कहा- लौलाक का मुख़ातिब आ रहा है*
*मीम ने कहा- मुहम्मद रसूलल्लाह आ रहा है*
*नू ने कहा- नबियों का सरदार आ रहा है*
*वाव ने कहा- वज़ज़ुहा आ रहा है*
*हे ने कहा- हादी-ए-बरहक़ आ रहा है*
*इये ने कहा- यकतानुखी शान वाला आ रहा है*

*सरकार_की_आमद_मरहबा*
♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥ 🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹

નોની__શુ_છે

*નોની__શુ_છે.*
->નોની એક પ્રકાર નુ ફળછે
->તે દેખાવ માં અનાનસ જેવુ લાગે છે. 
->જે વિસ્તાર માં જ્વાળામુખી ફાટ્યો. હોય તે જમીન પર ૩.૫ વર્ષ પછી નોની નો છોડ ઉગે છે. 
->નોની ના અભ્યાસ માટે *world noni research foundation* નામની સંસ્થા કાર્યરત છે. 

*નોની_ના_ગુણ*
ORAC value:-
Apple   : 3082
Orange  : 726
Banana  : 795
Noni    : 3,40,000
->તેની અંદર ૧૬૦+ nutraceutical આવેલા છે. 

*નોની_ના_ફાયદાઓ....*
નોની ની અંદર demna centhal નામ નુ દ્રવ્ય આવેલુ છે.. 
આયુર્વેદ માં demna centhal ને પાવરફુલ દ્રવ્ય માનવા માં આવે છે. 
*નોની નો ૩ મહીના નો કોર્ષ કરવા નો આવે છે.* 

*#કબજીયાત*
નોની ને રેગ્યૂલર લેવાથી તે પેટ સાફ કરે છે. 

*#કેન્સર*
કેન્સર ના દર્દી નેે પહેલા અથવા બીજા સ્ટેજ નુ કેન્સર હોય તો આની અંદર નુ ડેમ્ના કેન્થલ દ્રવ્ય કેન્સર ની ગાંઠ ને તોડી ને બહાર કાઢે છે. 

*#ડાયાબિટીસ*
દરરોજ ૩૦ml. લેવાથી.. 
-હાંફવા નુ બંધ થાય. 
-આંખ મા છાલા પડવા નુ બંધ થાય. 
-ડાયાબિટીસ નોર્મલ કરે. 

*#હાર્ટ_એટેક*
ડેમ્ના કેન્થલ નામ નુ દ્રવ્ય લોહી ને વહેતુ રાખે. એટલે લોહી ની ગાંઠ ન થવા દે. 

*#HIV*
HIV નો રોગ એવો છે જેને મટાડવા ની કોઇ દવા નથી.
-HIV નો દર્દી બહુ લાંબુ જીવન જીવી શકતો નથી. 
-દર્દી જો દરરોજ નોની લેવા નુ ચાલુ રાખે તો તે ૨૦ થી ૩૦ વર્ષ વધારે જીવી શકેછે

*#કમરદર્દ*
જો કોઇ ને કમરદર્દ હોય અને તે ૩ મહીના નોની લેવા તે નુ ચાલુ રાખે તો નોની સંપુર્ણપણે કમરદર્દ મટાડી શકે છે. 

*#અન્ય_ફાયદા*
--નખ વધે, વાળ વધે, સ્ક્રીન ગ્લો કરે.. 
--કોષીકાઓ ને મજબુત બનાવે. 
--પાચન શક્તિ મજબુત બનાવે. 
--ખોરાક માંથી વધારે પોષક દ્રવ્યો મેળવે. 
--રોગ પ્રતીકારક શક્તિ માં વધારો કરે. 
--કેલોસ્ટ્રોલ નુ સ્તર ઓછુ કરે. 
--નશા ની આદત ઓછી કરાવે. 
--જો કોઇ ને ગેસ ની સમસ્યા હોય તો તે દૂર કરે.
    
*Noni For Better health & wealth*

Sunday, October 11, 2020

चन्द मशहूर गुनाहों कबीरा

 गुनाहे कबीरा की तादाद बहुत ज़ियादा है मगर इन में से चन्द मशहूर कबीरा गुनाहों का हम यहां ज़िक्र करते हैं जो येह हैं। 

(1) शिर्क करना । 

(2) जादू करना । 

(3) खूने नाहक करना । 

(4)सूद खाना । 

(5) यतीम का माल खाना । 

(6) जिहादे कुफ्फ़ार से भाग जाना । 

(7)पाक दामन मोमिन मर्दो और औरतों पर ज़िना की तोहमत लगाना । 

(8) ज़िना करना । 

(9) इगुलाम बाज़ी करना । 

(10) चोरी करना । 

(11) शराब पीना । 

(12) झूट बोलना और झूटी गवाही देना । 

(13) जुल्म करना । 

(14) डाका डालना । 

(15) मां-बाप को तक्लीफ़ देना 

(16) हैज़ व निफ़ास की हालत में बीवी से सोहबत करना (17) जूआ खेलना ।

(18) सगीरा गुनाहों पर इसरार करना

19 अल्लाह की रहमत से ना उम्मीद हो जाना। 

(20) अल्लाह के अज़ाब से बे खौफ़ हो जाना । 

(21) नाच देखना । 

(22) औरतों का बे पर्दा हो कर फिरना । 

(23) नाप तोल में कमी करना । 

(24) चुगली खाना । 

(25)गीबत करना । 

(26) दो मुसलमानों को आपस में लड़ा देना। 

(27) अमानत में खियानत करना । 

(28) किसी का माल या ज़मीन व सामान वगैरा गस्ब कर लेना । 

(29) नमाज़ रोज़ा और हज व ज़कात वगैरा फ़राइज़ को छोड़ देना 

(30) मुसलमानों को गाली देना।


(فیوض الباری شرح بخاری ، کتاب الایمان ، ج ۱، ص ۱۹۰- ۱۹۱)


अल्लाह हमे इन सब गुनाहों से बचाए आमीन

मुरीद की तीन(3) किस्में

-: मुरीद की तीन(3) किस्में हैं :-

 1)मुरीद रस्मी

2)मुरीद मतलबी

3)मुरीद हकीकी


#मुरीद_रस्मी

वो जो सिर्फ रस्मी बैयत करता है(रस्मी मुरीद होता है) बाद में पीर साहब से कुछ ताल्लुक़ नही रखता

#मुरीद_मतलबी

वो मुरीद जो मुसीबत में तो पीर की तरफ भागे और मुसीबत खतम होते ही पीर से मुंह फेर लें

 #मुरीद_हकिकी

वो मुरीद जो दुनिया और दुनिया वालो में रहे और रिज्क ए हलाल कमाए, और अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में मेहनत व मशक्कत के वाबजूद #पीर को एक लम्हा भी ना भूले

दुख हो या सुख, फारिग हो या मसरूफ़, नमाज़ हो या वजाइफ अपने यार के तसब्बुर में डूबा रहे #मुर्शीद से किए हुए अहद( *वादा* ) को मुहब्बत व इखलास के साथ

पूरा करता रहे, ये ऐसा #मुरीद है जो मुराद को पहुंचता है। और फ़ैज़ पाता है।

दाढ़ी रखने के फायदे और इनाम

 दाढ़ी बड़ी समझदार है 

कभी औरत के चेहरे पर नहीं आती , जब भी आती है मर्द के चेहरे पर आती है ......... सिर्फ ये बताने के लिए कि तुम मर्द हो औरत नहीं..

और ....... ये मर्द दाढ़ी मुंडवाकर कहता है कि " नहीं जी तुम्हें गलतफहमी हुई है , मैं वह नहीं हूँ जो तुम समझती हो " 


और ये दाढ़ी भी जिद्दी है बार-बार आकर कहती है कि नहीं जी तुम मर्द ही हो।



आफत मुस्लमान होने की वजह से नही,

ना फरमान होने के वजह से आ रही है...

😞😞😞😞😞दाढ़ी रखने के फायदे और इनाम

🍄तमाम नबियों की सुन्नत

🍄सो (100)शहीदों का सवाब

🍄बालिग होने से लेकर मौत तक का लगातार अमल हे ,लगातार सवाब हे 

🍄नबी सल्लल्लाहु आलिही व सल्लम से मोहब्बत की अलामत हे

🍄अल्लाह की रजा का सबब हे

🍄गला और सीना ठंडी और गर्म हवा से मेहफ़ूज़ रहता हे

🍄मुसलमान की पहचान हे ,लोग देख कर सलाम करेंगे ,मदद के लिए तैयार हो जाएंगे

🍄दाढ़ी में कंगी करने पर दुश्मनो के दिल में हमारा खौफ पैदा होता हे

🍄चेहरे का नूर बढ़ता हे

🍄नेक और शरीफो की निशानी हे

🍄इज़्ज़त को बढाती हे

🍄भरोसे को बढाती हे

🍄हया पैदा करती हे

🍄 गुनाह से बचने का सबब हे

🍄मर्दानगी को बढाती हे

🍄खूबसूरत हूरो का इनाम हे

🍄जन्नत में मन पसंद चेहरा दिया जाएगा

🍄दाढ़ी वालो की ही गवाही मोतबर

🍄गाल पर बार बार अस्तरा लगाने से उसकी कुदरती चमक का कोटिंग उतर जाता हे जिस से सूरज की जहरीली किरणों के असरात और बेक्टेरिया गाल के रास्ते अंदर जाते हे

🍄दाढ़ी न होना औरतो से मुशाबेहत हे इसलिए औरतो की शिफ़ात पैदा होती हे

🍄दिन पर चलना आसान हो जाता हे

🍄क्या अब भी नहीं रक्खोगे?k

🍄क्या शेयर भी नहीं करोगे?

🍄दुआ तो जरुर दोगे...  ♥♥♥♥♥👆👆Must Share this...