Tuesday, July 18, 2023

मुह़र्रमुल ह़राम

मुह़र्रमुल ह़राम

*▶️हिस्सा-01*

✨✨✨✨✨✨✨✨✨✨✨✨

*▶️इस्लाम में पहला महीना मुहर्रमुल ह़राम है*
 
*▶️और मुह़र्रम को मुह़र्रमुल ह़राम क्यूँ कहा जाता है आइए थोड़ा रोशनी डालते चलें⤵️*

*▶️मुह़र्रम के महीने को मुह़र्रमुल ह़राम उसकी ताज़ीम की वजह से कहते हैं,लफ्ज़े ह़राम ये ह़ुरमत से है, इसके माने हैं*

*▶️क़ाबिल अह़तराम,अज़मत वाला,तो मुह़र्रमुल ह़राम का माना हुआ, मुह़र्रम का महीना जो क़ाबिल अह़तराम है अज़मत वाला है*

*▶️ जैसा कि मस्जिदे ह़राम के माना हैं वह मस्जिद जो क़ाबिले अह़तराम और अज़मत वाली है-*

*▶️मुह़र्रमुल ह़राम उन चार महीनों में से है जिन्हें अल्लाह तबारक व तआला ने ह़ुरमत वाले महीने क़रार दिया है*
*▶️वो चार महीने ये हैं⤵️*

*▪️ज़िल क़ाईदा* 
*▪️जिल हिज्ज* 
*▪️मुह़र्रम* 
*▪️रज्जब*

*📚तफ़्सीरे सीरातुल जिनान पारा 10 आयत सूरह तौबा आयत 36*

*▶️ज़मानये जाहिलियत में भी इन चार महीनों का अह़तराम किया जाता था*

*▶️और ज़मानये जाहिलियत में भी इस महीने में जंग व क़िताल ह़राम था*

*📚 खाज़िन सूरह तौबा तहत आयत 36*

*▶️यौमे आशूरा यानि मुहर्रम की दसवीं तारीख़ बड़ी अज़मत व बुज़ुर्गी और फ़ज़लो शर्फ़ वाली है इस तारीख़ में बहुत सारे काम हुए हैं उन में यहाँ चंद ज़िक्र करना चाहता हूँ⤵️*

*▶️अब आईये आपको बताते हैं कि इस महीने में शहादते इमाम हुसैन रज़ियल्लाहु तआला अन्हु के अलावा भी और बहुत सारे काम हुए हैं,इस महीने की 10 तारीख को क्या क्या काम हुये फेहरिस्त मुलाहजा करें⤵️*

*01:--फिरऔन और उसका लश्कर गर्क हुआ*

*02:--  हज़रत सय्यदना आदम अलैहिस्सलाम की तौबा क़ुबूल हुई*

*03:--हज़रत सय्यदना यूनुस अलैहिस्सलाम की क़ौम की तौबा क़ुबूल हुई*

*04:--  हज़रत सय्यदना नूह अलैहिस्सलाम की कश्ती जूदी पहाड़ पर ठहरी,उस दिन शुकराने पर रोज़ा रखा और तमाम को रोज़ा रखवाया*

*05:---हज़रत सय्यदना इब्राहीम अलैहिस्सलाम पैदा हुए*

*06:---  हज़रत सय्यदना ईसा अलैहिस्सलाम पैदा हुए*

*📚फैज़ुल क़दीर शरह जामेय सगीर जिल्द 3 सफह 34*
*📚बारह माह के फज़ाइल सफह 246*

*07:--  हज़रत सय्यदना यूसुफ अलैहिस्सलाम क़ैद से बाहर आये*

*08:--- सय्यदना यूनुस अलैहिस्सलाम मछली के पेट से बाहर आये*

*📚फैज़ुल क़दीर शरह जामेय सगीर जिल्द 5 सफह 226*

*09:--  हज़रत सय्यदना मूसा अलैहिस्सलाम पैदा हुए*

*10:--  हज़रत सय्यदना इब्राहीम अलैहिस्सलाम पर आग गुलज़ार हुई* 

*11:---  हज़रत सय्यदना अय्यूब अलैहिस्सलाम ने मर्ज़ से शिफा पाई*

*12:--- हज़रत सय्यदना याक़ूब अलैहिस्सलाम की आंख की रौशनी वापस आई*

*13:--- हज़रत सय्यदना यूसुफ अलैहिस्सलाम कुंए से बाहर निकले*

*14:--- हज़रत सय्यदना सुलेमान अलैहिस्सलाम को बादशाहत मिली* 

*15:--- हज़रत सय्यदना मूसा अलैहिस्सलाम जादुगरों पर ग़ालिब आये*

*📚अजाइबुल मख़्लूक़ात सफह 44*

*16:--- सय्यदना इमामे हुसैन रज़ियल्लाहु तआला अन्हु ने मरतब ए शहादत हासिल किया*

*17:---क़यामत इसी दिन आयेगी*

*18:--- पहली बार बारिश हुई*

*📚गुनियतुत तालेबीन जिल्द 2 सफह 53*

*19:--- आसमान,*

 *20:-- कुर्सी,*

 *21:--- कलम,*

*22:--- पहाड़,*

*23:--- समन्दर, पैदा हुए*

*24:--- हज़रत सय्यदना इदरीस अलैहिस्सलाम जन्नत में पहुंचे*

*25:--- इसी दिन असहाबे कहफ करवटें बदलते हैं*

*26:--- ह़ज़रते ईसा अलैहिस्सलाम आसमान पर उठाए गए*

*27:--- हमारे नबी सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम का निकाह हज़रते खदीजा रज़ियल्लाहु तआला अन्हा से हुआ*

*📚 जामेय सगीर,जिल्द 5,सफह 34/226*
*📚 अजायबुल मखलूक़ात,सफह 44*
*📚 गुनियतुत तालेबीन,जिल्द 2,सफह 53* 
*📚 नुज़हतुल मजालिस,जिल्द 1,सफह 145*
*📚खुतबाते मुहर्रम सफह 460*

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Tuesday, July 4, 2023

जमाही

शैतानी थूक से अपने मुँह को बचाइये:-  

सय्यदे आलम सल्लल्लाहु अलैही व सल्लम ने फरमाया कि जमाही शैतान की तरफ से है जब तुममें किसी को जमाही आए जहा तक मुमकिन हो रोके बाज़ रिवायतों में है कि शैतान मुंह में घुस जाता है और बाज़ में है कि शैतान देखकर हंसता है उलमा फरमाते हैं कि जो जमाही में मुंह खोल देता है शैतान उसके मुंह में थूक देता है और वह जो काह काह की आवाज़ आती है वह शैतान का कहकहा है कि उसका मुंह बिगड़ा देखकर ठट्ठा लगाता है और वह जो रुतूबत निकलती है वह शैतान का थूक है इसके रोकने की बेहतर तर्कीब यह है कि जब आती मालूम हो तो दिल में ख्याल करे कि अम्बिया अलैहिस्सलातु वस्सलाम इससे महफूज हैं फौरन रुक जाएगी जैसे कि पेशतर बयान किया जा चुका है उलमाए किराम ने इसको मुजर्रब बताया है और फ़कीर कातेबुल हुरूफ ने बारहा इसका तजर्बा किया तो सही पाया।..
 🌸 निज़ामे  शरीअत  सफ़ाह  125
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Sunday, June 11, 2023

મધ

જો તમને પણ શરદી,ખાસી રહે છે તો મધમાં આ કેટલીક વસ્તુઓને ભેળવીને પીવાથી આ સમસ્યાઓ થશે દૂર 

મધ અને એલચીનો પાવડર શરદી મટાડે છે
મધ અને હરદળ કફને છૂટો પાડે છે

મધ ઔષધી ગુણોથી ભરપુર છે ,મઘનો ઉપયોગ મોટા ભાગના લોકો દવા તરીકે કરતા આવ્યા છે, મધ જૂદી જૂદી રીતે લેવાથી ઘણી બઘી બીમારીઓ મટે છે,જો ક ેઘણા લોકો સવારે હુફાળા પાણીમાં મધનાખીને પીતા હોય છે તેનાથી વેઈટ લોસ થાય છે ચરબી ઓગળે છે ,જો કે આપણે આજે મધને કઈ કઈ વસ્તુઓ સાથે ખાવાથી શું ફાયદાઓ થાય છે તે જાણીશું
મધ અને પાણી

દરરોજ સવારે ખાલી પેટ હુફાળા ગરમ પાણીમાં મધ મેળવીને પીવાથી રોગપ્રતિકારક શક્તિ વધે છે. આ સાથે જ પેટની ચરબી ઓગળવાથી લઈને વેઈટ લોક કરવામાં મોટી મદદ મળે છે.આ સાથે જ પેટમાં હાજર ખરાબ બેક્ટેરિયાનો ખાતમો થાય છે.

મધ અને એલચી

1 ચમચી મધમાં 2 એલચીને વાટીને પાવડર બનાવી તેની સાથે મિક્થેસ કરીને ખાવાથી શરદી, ખાસી મટે છે,સાથે જ જો કફ થયો હોય તો તે છૂટો પડીને ગળા વાટે નીકળે છે. જો અવાજ બેસી ગયો હોય તો પણ મધ એલચીનું સેવન ખૂબ ફાયદો કરાવે છે
મધ અને હરદળ 

ગળાના ઇન્ફેક્શનથી આ મિશ્પરણ તમને રાહત આપવાનું કામ કરે છે. આ સાથે જ જે લોકોને સુકી ખાસી હોય તેમના માટે પણ આ રામબાણ ઈલાજ છે. સાથે જ ગળાની અંદર કાકરા થયા હોય અથવા તો સોજો આવ્યો હોય ત્યારે મધ હરદળ દવાનું કામ કરે છે.

મધ અને લવિંગનો પાવડ

મધ અને લવિંગના પાવડરનું મિશ્રણ લિવરને ડિટોક્સિફાઇ કરવામાં પણ મદદ કરે છે. સાથે જ બ્લડ શુગર લેવલને પણ કન્ટ્રોલમાં રાખશે. તે માટે ત્રણ લવિંગ પીસીને તેમાં એક ચમચી મધ મિક્સ કરીને ખાવું જોઈએ.
મધ અને લીબું

ગરમ પાણી સાથે મધ અને લીબું મિક્સ કરીને પીવાથી વજન ઝડપથી ઘટે છે. સાથે જ પાચનની ક્રિયા મજબૂત બને છે અને પાચન શક્તિમાં સુધારો થાય છે,જે લોકોને એસિડીટીની સમસ્યા હોય તેમણે સવારે ખાલી પેટે મધ લીબું વાળું ગરમ પાણી પીવું જોઈએ

મધ અને આદુનો રસ

1 ચમચી મધમાં અડધી ચમચી આદુનો રસ મિક્સ કરીને પીવાથી ખાસી ,શરદી મટે છે,ગળામાં પણ રાહત થાય છે.આ સાથે જ બેસી ગયેલો આવાજ ખુલે છે. જે લોકોને સતત ગળું સુકાતું હોય તેમણે આ મિશ્રણનું સેવન કરવું જોઈએ.
મધ અને સૂંઠ

મધની તાસિર ઠંડી છે તો સૂઠ ગરમ છે એટલે જ્યારે ખૂબ ખાસી હોય ત્યારે આ બન્નેનું સેવન કરવું જોઈએ આ સાથે જ ઠંડા પાણીથી ન્હાયા હોય અથવા સ્વિમિંગ પુલમાંથી બહાર આવ્યા હોય ત્યારે એક ચમચી મધ અને અડધી ચમચી સૂંઠ ચાટી જવું જેથી શરદી થશે નહી કાન અને ગળાનો દુખાવો પણ મટશે.

Wednesday, May 31, 2023

गीबत की तबाह कारियां

' *गीबत की तबाह कारियां एक नज़र में :* 
 बहुत सारे परहेज़ गार नज़र आने वाले लोग भी बिला तकल्लुफ़ गीबत सुनते, सुनाते, मुस्कुराते और ताईद में सर हिलाते नज़र आते हैं, चूंकि गीबत बहुत ज़ियादा आम है इस लिये उमूमन किसी की इस तरफ़ तवज्जोह ही नहीं होती कि गीबत करने वाला नेक परहेज़ गार नहीं बल्कि फासिक व गुनहगार और अज़ाबे नार का हक़दार होता है।

 कुरआनो हदीस और अक्वाले बुजुर्गाने दीन से मुन्तख़ब कर्दा गीबत की 120 तबाह कारियों पर एक सर-सरी नज़र डालिये, शायद खाइफ़ीन के बदन में झुरझुरी की लहर, | दौड़ जाए ! 

जिगर थाम कर मुला-हज़ा फ़रमाइये : गीबत ईमान को काट कर रख देती है
 गीबत बुरे खातिमे का सबब है 
ब कसरत गीबत करने वाले की दुआ कबूल नहीं होती
 गीबत से नमाज़ रोज़े की नूरानिय्यत चली जाती है 
गीबत से नेकियां बरबाद होती हैं 
गीबत नेकियां जला देती है
 गीबत करने वाला तौबा कर भी ले तब भी सब से आखिर में ।
 जन्नत में दाखिल होगा,
 अल ग़ज़ गीबत गुनाहे कबीरा, क़तई हराम और जहन्नम में ले जाने वाला काम है
गीबत जिना से सख्त तर है
 मुसल्मान की गीबत करने वाला सूद से भी बड़े गुनाह में गिरिफ्तार है 
गीबत को अगर समुन्दर में डाल दिया जाए तो सारा समुन्दर बदबूदार हो जाए
गीबत करने वाले को जहन्नम में मुर्दार खाना पड़ेगा 
गीबत मुर्दा भाई का गोश्त खाने के मु-तरादिफ़ है 
गीबत करने वाला अजाबे कब्र में गिरिफ्तार होगा !
 गीबत करने वाला तांबे के नाखुनों से अपने चेहरे और सीने को बार बार छील रहा था 
गीबत करने वाले को उस के पहलूओं से गोश्त काट काट कर खिलाया जा रहा था 
गीबत करने वाला। क़ियामत में कुत्ते की शक्ल में उठेगा
 गीबत करने वाला जहन्नम का बन्दर होगा 
गीबत करने वाले को दोज़ख़ में खुद अपना ही गोश्त खाना पड़ेगा
 गीबत करने वाला जहन्नम के खौलते हुए पानी और आग के दरमियान मौत मांगता दौड़ रहा होगा और उस से जहन्नमी भी बेज़ार होंगे 
गीबत करने वाला सब से पहले जहन्नम में जाएगा।
تُوبُوا إِلَى الله ! اسْتَغْفِرُ الله

Sunday, March 5, 2023

*4 मार्च यौमे वफात, फा़तेह बैतुल मुक़द्दस

*4 मार्च यौमे वफात, फा़तेह बैतुल मुक़द्दस*

 4 मार्च 1193 ईस्वी को *सुल्तान सलाहउद्दीन अय्यूबी रहमतुल्लाहि तआला अलैहि* का वफ़ात (इन्तिक़ाल) हुई थी, आप ने किब्ला ए अव्वल बैतुल मुकद्दस ( मस्जिदे अक़्सा) को आज़ाद कराने के लिए 16 जंगे लड़ी और आजाद करवाया !.....

हुज़ूर ﷺ का मुबारक जमाल

हुज़ूर ﷺ के मुबारक बदन पर कभी मक्खी नही बैठी, आकाए करीम ﷺ के मुबारक जिस्म पर कभी मैल नही आया, हुज़ूर ﷺ की आंखो में कभी मैल नही आया, हुज़ूर ﷺ को सारी ज़िंदगी बलगम नही आई, हुज़ूर ﷺ की मुबारक बगले बे बाल थी और बिल्कुल बाकी जिस्म की तरह सफ़ेद थी, 💐

हुज़ूर ﷺ का मुबारक लुआब शहद से ज़्यादा मीठा था और कस्तूरी से ज़्यादा खुशबूदार था, और जहां हुज़ूर ﷺ कजाए हाजत के लिए जाते तो वहां बाद में जाके देखा जाता तो कुछ भी नज़र नही आता सिवाए कस्तूरी की खुशबू के, ❣️

और आक़ाए करीम ﷺ का साया भी न था की ज़मीन पर आपका मुबारक साया न गिरे, का़यनात में ऐसा कौन हो सकता है जैसा आमिना का लाल था...🌹

अल्लाह पाक ने वोह हुस्न ओ जमाल अता किया था की जिस पहलू से देखो हुज़ूर ﷺ बेमिसाल नज़र आते बे मिस्ल नज़र आते....

12 वीं शरीफ़ मुबारक 

#उठो_हुज़ूर_ﷺ_की_बात_करो ❤️

#Kabeer रज़ा ख़ान

Friday, September 30, 2022

शबे जुमुआ का दुरुद शरीफ

*शबे जुमुआ का दुरुद शरीफ*
بِسْــــمِ اللّٰهِ الرَّحْمٰنِ الرَّحِىْمِ
الصــلوة والسلام‎ عليك‎ ‎يارسول‎ الله ﷺ
     बुज़ुर्गो ने फ़रमाया की जो शख्स हर शबे जुमुआ (जुमुआ और जुमेरात की दरमियानी रात, जो आज है) इस दुरुद शरीफ को पाबंदी से कम अज़ कम एक मर्तबा पढेगा तो मौत के वक़्त सरकारे मदीना ﷺ की ज़ियारत करेगा और कब्र में दाखिल होते वक़्त भी, यहाँ तक की वो देखेगा की सरकारे मदीना ﷺ उसे कब्र में अपने रहमत भरे हाथो से उतार रहे है.
بِسْــــمِ اللّٰهِ الرَّحْمٰنِ الرَّحِىْمِ
اللّٰھُمَّ صَلِّ وَسَلّـِمْ وبَارِکْ عَلٰی سَیّـِدِ نَا مُحَمَّدِنِ النَّبِیِّ الْاُمّـِىِّ الْحَبِیْبِ الْعَالِی الْقَدْرِ الْعَظِیْمِ الْجَاھِ وَعَلٰی اٰلِهٖ وَصَحْبِهٰ وَسَلّـِم
अल्लाहुम्म-सल्ली-वसल्लिम-व-बारीक-अ'ला-सय्यिदिना-मुहम्मदीन-नबिय्यिल-उम्मिय्यिल-ह्-बिबिल-आ'लिल-क़द्रील-अ'ज़िमील-जाहि-व-अ'ला आलिही व-स्ह्-बिहि व-सल्लिम

【सारे गुनाह मुआफ़】
     हज़रते अनस رضي الله عنه से मरवी है, हुज़ूर صلى الله عليه وسلم ने फ़रमाया : जो शख्स जुमुआ के दिन नमाज़े फज्र से पहले 3 बार 
اٙسْتٙغْفِرُ اللّٰهٙ الّٙذِىْ لٙآ اِلٰهٙ اِلّٙا هُوٙوٙاٙتُوْبُ اِلٙيْهِ
पढ़े उस के गुनाह बख्श दिये जाएंगे अगर्चे समुन्दर की झाग से ज़्यादा हो।
*✍🏽अलमुजमुल अवसत लीत्तिब्रनि, 5/392, हदिष:7717*

【हर रात इबादत में गुज़ारने का आसान नुस्खा】
     गराइबुल क़ुरआन पर एक रीवायत नक़्ल की गई है कि जो शख्स रात में इसे 3 मर्तबा पढ़ लेगा तो गोया उसने शबे क़द्र पा लिया।
لٙآاِلٰهٙ اِلّٙااللّٰهُ الْحٙلِيْمُ الْكٙرِيْمٙ، سُبٙحٰنٙ اللّٰهِ رٙبِّ السّٙمٰوٰتِ السّٙبْعِ وٙرٙبِّ الْعٙرْشِ الْعٙظِيْم
*तर्जमा* : खुदाए हलीम व करीम के सिवा कोई इबादत के लाइक नहीं। अल्लाह पाक है जो सातों आसमानों और अर्शे अज़ीम का परवर दगार है।
*✍🏽फ़ैज़ाने सुन्नत*

नसब नामा


   *اَلصَّــلوٰةُ وَالسَّلامُ عَلَيكَ يَارَسُولَ اللّٰه ﷺ*   

    सीरते मुस्तफा ﷺ
࿐  *खानदानी हालात #01 :* *नसब नामा* नसब नामा हुज़ूरे अक्दस ﷺ का नसब शरीफ वालिदे माजिद की तरफ से येह है (1) हज़रत मुहम्मद (ﷺ)  (2) बिन अब्दुल्लाह (3) बिन अब्दुल मुत्तलिब (4) बिन हाशिम (5) बिन अब्दे मनाफ़ (6) बिन कसी (7) बिन किलाब (8) बिन मुर्रह (9) बिन का'ब (10) बिन लवी (11) बिन गालिब (12) बिन फ़हर (13) बिन मालिक (14) बिन नज़र (15) बिन किनाना (16) बिन खुज़ैमा (17) बिन मुदरिकह (18) बिन इल्यास (19) बिन मज़र (20) बिन नज़ार (21) बिन मअद (22) बिन अदनान। 
    
࿐  और वालिदए माजिदा की तरफ से हुजूर ﷺ का श-ज-रए नसब येह है (1) हज़रत मुहम्मद (ﷺ) (2) बिन आमिना (3) बिन्ते वहब (4) बिन अब्दे मनाफ़ (5) बिन ज़हरा (6) बिन किलाब (7) बिन मुर्रह।
    
࿐   हुज़ूर ﷺ के वालिदैन का नसब नामा “किलाब बिन मुर्रह" पर मिल जाता है और आगे चल कर दोनों सिल्सिले एक हो जाते हैं। “अदनान" तक आप का नसब नामा सहीह सनदों के साथ ब इत्तिफ़ाक़े मुअर्रिख़ीन षाबित है इस के बाद नामों में बहुत कुछ इख़्तिलाफ़ है और हुजूर ﷺ जब भी अपना नामा बयान फ़रमाते थे तो "अदनान" ही तक ज़िक्र फ़रमाते थे। 
  
࿐  मगर इस पर तमाम मुअरिखीन का इत्तिफ़ाक़ है कि "अदनान" हज़रते इस्माईल عليه السلام की औलाद में से हैं, और हज़रते इस्माईल عليه السلام हज़रते इब्राहीम ख़लीलुल्लाह عليه السلام के फ़रज़न्दे अरजुमन्द हैं। 

*📬 क़िताब :- सीरते मुस्तफा (ﷺ) सफ़ह - 49 📚*

*📮Next ◍* आगे इन्शाअल्लाह जारी रहेगा.!


*☝🏻 हमारी दावत सच्चे दीन की तरफ*
*📝 आओ इ़ल्म -ए- दीन सीखें...✍🏻*
✜─━━━━▣▣▣▣━━━━─✜

*🪀 मिनजानीब :- Islamic taleem group's*

Tuesday, September 27, 2022

इमाम हसन अल मुज्तबा अलैहिस्सलाम व रदियल्लाहो ता'अला अन्हु*

*आशिक़ ए रसूल ईमान वाले सुन्नी मुसलमान गौर ओ फ़िक्र की ये बात है!*


*ये माह ए सफर उल मुज़फ्फर का महीना है और इसका आख़िरी अशरा है,*

 *बहुत से औलिया अल्लाह का उर्स मनाया गया इस महीने में और बेशक मनाना चाहिए, मगर दयानतदारी से बताऐं क्या इस महीने में अमीरुल मोमिनीन सिब्ते रसुल सरदार ए नोजवान ए जन्नत सुल्तान उल औलिया इमाम हसन अल मुज्तबा का ज़िक्र किया आपने?*
 
*इस महीने की 28 तारीख़ खलिफतुल मुस्लेमीन अमीरुल मोमिनीन हज़रत सैय्यदना हसन ए मुज्तबा की शहादत से है,*


*आप ने सिर्फ़ कर्बला का दर्द सुना है क्या आपको मालूम है हमारे आका इमाम हसन के साथ किस तरह से ज़ुल्म किया गया है? आपको शायद ही मालूम हो क्योंकि इमाम हसन के बारे में कोई बात ही नहीं करता! इमाम हसन को कई मर्तबा ज़हर दिया गया आख़िरी बार हीरे की कनी पीस कर आपके पानी में मिलाई गई, जिससे आपके कलेजे के टुकड़े टुकड़े हो गए,*

*आपकी आख़री बसीयत थी मुझे नाना के कदमों में दफ़न किया जाए, अफ़सोस उम्मते मुस्लिमा की एक भीड़ आयी और इमाम को बहां दफ़न होने से रोक दिया उनके जनाज़े मुबारक़ पर तीर चलाये, ये पहला जनाज़ा था जिसको दोबारा कफ़न दिया गया, उम्मत इनके अहसान को भूल गयी क्योंकि इंसान भीड़ के साथ ज़्यादा और हक़ साथ हमेशा कम रहा है,*

 *सुन्नीयों याद रखो, इस सफर के महीने को सबसे पहली निस्बत इमाम हसन ए मुज्तबा से है,*

*उसके बाद दूसरे औलिया अल्लाह से और इतने जुम्मा चले गये पर किसी मिम्बर पर खिताब करने वाले मुफ्ती मौलाना को तौफीक नही हुई के इमाम हसन का ज़िक्र करें उनके फज़ाइल, उनकी करामात,उनकी सीरत,उनकी सूरत, शहादत, कुर्बानी पर बयान करें!*

*गुलामों का उर्स मनाया, बादशाहों को भूल गये!*

*जन्नतियों का उर्स मनाया,जन्नत के सरदार को भूल गये!*

*मोमिनीन का उर्स मनाया, अमीरुल मोमिनीन को भूल गये!*

*गुलाम ए रसूल ﷺ का उर्स मनाया, शहजादा ए रसूल ﷺ को भूल गये!*

*जिनकी मुहब्बत अल्लाह ने फ़र्ज़ की है, उनकी याद मनाना भूल गये!!! औलियाओं का उर्स मनाया, सरदार ए औलिया को भूल गये!*

*जिनके सदके कायनात में विलायत मिलती है, उस इमाम को भूल गये?*

 *सुन्नीयों क्या यही इश्क ए अहले बैत है? बहुत से पोस्ट आये हैं व्हाट्सअप और सोशियल मीडिया पर के इनका उर्स है, उनका उर्स हैं और करना भी चाहिये. पर एक भी पोस्ट आपने इमाम हसन ए पाक के ताल्लुक़ से किया?*

*अहलेबैत की मुहब्बत अस्ल ए ईमान हैं*

*किसी पर तनक़ीद करना मक़सद नहीं बेशक औलिया अल्लाह का उर्स मनाना चाहिए पर उन से पहले इमाम उल औलिया सैय्यदना इमाम हसन ए मुज्तबा का उर्स मनाओ, माह ए सफर की इब्तेदा इमाम हसन ए मुज्तबा के ज़िक्र से हो और इंतेहा भी उनके ज़िक्र से हो,*

*अल्लाह जल्ला जलालहु अपने हबीब के सदके तुफैल हमें हक़ीक़ी मायनों में मुहिब् ए अहलेबैत बनाये, आमीन*

*याद रहे, ये तारीख़ 28 सफर उल मुज़फ्फर यौम ए शहादत अमीरुल मोमिनीन खलिफतुल मुस्लेमीन सिब्ते रसूल सरदार ए नोजवान ए जन्नत सुल्तान उल औलिया इमाम हसन अल मुज्तबा अलैहिस्सलाम व रदियल्लाहो ता'अला अन्हु*

 *सल्लल्लाहु अलैही व आलैही व सल्लिम*

*ज़रूर नज़र करें और ज़िक्र ए इमाम हसन अलैहिस्सलाम करें,*
https://chat.whatsapp.com/KDKH1H4AdnOAd60zhb85oA

घर में गरीबी आने के असबाब.

घर में गरीबी आने के असबाब.

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(1) गुस्ल खाने में पैशाब करना,

(2) टूटी हुई कन्घी से कंगा करना,

(3) टूटा हूआ सामान इस्तेमाल करना,
 
(4) घर में कूडा़ करकट रखना,

(5) रिश्तेदारो से बदसलूकी करना,

(6) बांए पैर से पेैजामा पहनना,

(7) मगरिब और ईशा के बीच सोना,

(8) मेहमान आने पर नाराज होना,

(9) आमदनी से ज्यादा खर्च करना,

(10) दाँत से रोटी काट कर खाना,

(12) दांत से नाखून काटना,

(13) खडे़ खडे़ पेजामा पहनना,

(14) औरतो का खडे होकर बाल बांधना,

(15) फटे हुए कपड़े जिस्म पर पहनना,

(16) सुबह सूरज निकलने तक सोना,

(17) दरख्त के नीचे पैशाब करना,

(18) बैतुल खला में बाते करना,

(19) उल्टा सोना,

(20) कब्रिस्तान में हसना,

(21) पीने का पानी रात में खुला रखना,

(22) रात में सवाली को कुछ ना देना,

(23) बुरे ख्यालात करना,

(24) बगैर वजू के कुर'आन पढ़ना,

(25) इस्तंजा करते वक्त बातें करना,

(26) बगैर हाथ धोए खाना शुरू करना,

(27) अपनी औलाद को कोसना,

(28) दरवाजे पर बैठना,

(29) लहसुन प्याज के छीलके जलाना,

(30) फकीर से रोटी या फिर और कोई चीज खरीदना,

(31) फुक से चिराग बुझाना,

(32) बगैर बिस्मिल्लाह पढ़े खाना शुरू करना,

(33) झूठी कसम खाना,

(34) जूता चप्पल उल्टा देख कर सीधा नही करना,
 
(35) हालात जनाबत मे हजामत करना,
 
(36) मकड़ी का जाला घर में रखना,
 
(37) रात को झाडू लगाना,
 
(38) अन्धेरे में खाना,
 
(39) घड़े में मुंह लगाकर पीना,

(40) कुर'आन न पढ़ना। 

```हदीस में है कि जो दूसरो का भला करता है, अल्लाह उसका भला करता है।```
                       
*पढ़ कर दुसरो को भी सुनाओ*

```कुरआन ए पाक के 5 रुकू हर रोज पढ़ने से साल मे 3 कुरआन ए पाक मुकम्मल हो जाती है।```

*जब आप ये मेसेज आगे भेजने लगेंगे तो, शैतान आपको रोकेगा आपके ज़हन मे ख्याल डालेगा की अभी नही बादमे देखेंगे , पर आपने इस साजीश को नाकाम करना है।*

```इस मेसेज को आगे ईतना फैलाए जीतना आप कुरआन ए पाक से मोहब्बत करते हो👈```