Wednesday, May 12, 2021

बैतूल मुकद्दस - मस्जिद ए अक्सा

बच्चे आपसे पूछे या ना पूछे, आप उन्हें ज़रूर ये बताया कीजिए कि हम "फलस्तीन" से इसलिए मोहब्बत करते हैं कि!.....
* ये फलस्तीन नबियों का मसकन और सरजमीं रही है।
* हज़रत इब्राहीम अलैहिस्सलाम ने फ़लस्तीन की तरफ हिजरत फ़रमाई।
* अल्लाह ने हज़रत लूत अलैहिस्सलाम को उस अज़ाब से निजात दी जो उनकी क़ौम पर इस जगह नाज़िल हुआ था।

*हज़रत दाऊद अलैहिस्सलाम ने इस सरजमीं पर सकूनत रखी और यहां अपना एक मेहराब भी तामीर फ़रमाया।

* हज़रत सुलेमान (अलै०हिस०) इस मुल्क में बैठ कर सारी दुनिया पर हूकूमत करते थे।

* कुर‌आन में चींटी का वह मशहूर किस्सा जिसमें एक चींटी ने बाकी साथियों से कहा था " ऐ चींटियों! अपने बिलों में घुस जाओ" ये किस्सा यहिं फलस्तीन के "असक़लान" शहर की वादी में पेश आया था।

* हज़रत ज़करिया अलै०हिस० का मेहराब भी इसी शहर में है।
* हज़रत मूसा अलैहिस्सलाम ने इस मुल्क के बारे में अपने साथियों से कहा था, इस मुकद्दस शहर में दाखिल हो जाओ! उन्होंने इस शहर को मुकद्दस इसलिए कहा था कि ये शिर्क से पाक और नबियों की सरजमीं है।

* इस शहर में क‌ई मोअज़्ज़े हुए है जिनमें एक कुंवारी बीबी हज़रत मरयम के बुतन से ईसा अलैहिस्सलाम की पैदाइश हुई।

* हज़रत ईसा अलैहिस्सलाम को जब उनकी क़ौम ने क़त्ल करना चाहा तो अल्लाह ने उन्हें इसी शहर से आसमां पर उठा लिया था।
* क़यामत की अलामत में से एक हज़रत ईसा की वापसी इस शहर के मुकाम सफेद मीनार के पास होगा।
* इस शहर के मुकाम " बाब ए लुद" पर ईसा अलैहिस्सलाम दज्जाल को क़त्ल करेंगे।
* फलस्तीन ही अरज़े महशर है।
* इसी शहर से ही याजूज माजूज का क़िताल और फसाद शुरू होगा।
* फलस्तीन को नमाज़ के फ़र्ज़ होने के बाद "क़िब्ला ए अव्वल" होने का एजाज़ भी हासिल है। हिजरत के बाद जिबरील अलैहि० अल्लाह के हुक्म से नमाज के दौरान ही मुहम्मद स०अ० को मस्जिद ए अक्सा से बैतुल्लाह (काबा) की तरफ़ रुख़ करा ग‌ए थे, जिस मस्जिद में ये वाकिया पेश आया था वह मस्जिद आज भी मस्जिद ए क़िब्लातैन कहलाती है।

* हुजूर अकरम (स०अ०) मे'अराज की रात आसमान पर ले जाने से पहले मक्का मुकर्रमा से बैतुल मुकद्दस (फलस्तीन) लाए गए।
* अल्लाह के रसूल स०अ० की इक़्तेदा में सारे नबियों ने यहां नमाज़ अदा फरमाई।
* इस्लाम का सुनहरी दौर फारूकी में दुनिया भर के फतह को छोड़ कर महज़ फ़लस्तीन की फ़तह के लिए खूद उमर (रजि०अ०) जाना और यहां पर जाकर नमाज़ अदा करना, इस शहर की अज़मत को बताता है।

* दुसरी बार यानि 27 रजब 583 हिजरी जुमा के दिन को सलाउद्दीन अय्युबी के हाथों इस शहर का दोबारा फ़तह होना।

* बैतूल मुकद्दस का नाम "कुदुस" कूरान से पहले तक हुआ करता था, कूरान नाजिल हुआ तो इसका नाम " मस्जिद ए अक्सा" रखा गया, इस शहर के हुसूल और रूमियो के जबर वह सितम से बचाने के लिए 5000 से ज्यादा सहाबा किराम रजि०अ० ने जामे शहादत नोश किया, और शहादत का बाब आज तक बंद नही हुआ, सिलसिला अभी तक चल रहा है, ये शहर इस तरह शहीदों का शहर है।

* मस्जिद ए अक्सा और शाम की की अहमियत हरमैन की तरह है, जब कूरान पाक की ये आयत 
* उम्मत ए मोहम्मदी हकीकत में इस मुकद्दस सरजमीं की वारिस है।
* फलस्तीन की अज़मत का अंदाज़ा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि यहां पर पढ़ी जाने वाली हर नमाज़ का अज्र 500 गुना बढ़ा कर दिया जाता है।
                     
 " निगाहें मुन्तज़िर है बैतूल मुकद्दस की फ़तह के लिए या रब,
   फिर किसी सलाउद्दीन अय्युबी को भेज दे"......

Saturday, May 8, 2021

दुवा

🤲🏻 *दुवा इस तरह मांगनी चाहिए* 🤲🏻

*🤲या अल्लाहﷻ हमारे सगीरा व कबीरा गुनाहौं को माफ फरमा*
*🤲या अल्लाहﷻ हमारी खताओं को दरगुज़र फार्मा*
*🤲या अल्लाहﷻ हमें कामिल ईमान नसीब फरमा और पूरी हिदायत फरमा*
*🤲या अल्लाहﷻ हमारी ज़बान पर कलमा ए तय्यबा हमेशा जारी रख.*
*🤲 या अल्लाहﷻ हमें अपनी ख़ास  रहमतें, बरकतें और अनवारात से मालामाल फ़र्मा*
*🤲या अल्लाहﷻ हमारे दिलों को इख़लास के साथ दीन की तरफ़ फेर दे*
*🤲याअल्लाहﷻ अपनी खास रहमत नाज़ील फरमा और अपने कहेर व अज़ाब से बचा*
*🤲या अल्लाहﷻ झूठ, गीबत, कीना, बुग़ज़ , तकब्बुर बुराई और झगडे से हमारी हिफाज़त फरमा*
*🤲या अल्लाहﷻ एक लम्हे के लिए भी हमें दुनीया के हवाले ना फरमा*
*🤲या अल्लाहﷻ तंगदस्ती, खौफ़, घबराहट और क़र्ज़ के बोझ को दूर फरमा*
*🤲या अल्लाहﷻ हश्र की रुसवाई से हम और  हमारे  वालिदैन और पूरी उम्मत-ए-मोहम्मदिया की हिफ़ाज़त फरमा*
*🤲या अल्लाहﷻ पुल सिरात से बिजली की तराह गुज़ार दे*
*🤲या अल्लाहﷻ बीना हिसाब व किताब जन्नतुल फिरदौस में हमें जगह अता फरमा*
*🤲या अल्लाहﷻ नाम-ए-आमाल हमारे दाहिने हाथ में अता फरमा*
*🤲या अल्लाहﷻ अपने अर्श के साये में हमें जगह नसीब फरमा*
*🤲या अल्लाहﷻ हज्ज-ए-बैतुल्लाह मक़बूल व मबरूर नसीब फरमा*
*🤲या अल्लाहﷻ  मुंकिर नकिर के सवालात हम पर आसान फरमा*
🤲 *या अल्लाहﷻ  हलाल रोज़ी  अता फरमा*

*🤲या अल्लाहﷻ  इस दुनीया से कोरोना वायरस की वबा का खातमा करदे*

*🤲या अल्लाहﷻ क़यामत के रोज़ अपना दीदार अता फरमा*
*🤲या अल्लाहﷻ हमें तेरे बंदो का मोहताज ना बना*
🤲 *या अल्लाहﷻ छोटी बड़ी बीमारी से हमारी और कुल* *उम्मत-ए-मोहम्मदिया की हिफ़ाज़त फ़रमा*
*🤲या अल्लाहﷻ  तक्वा और परहेज़गारी नसीब फ़र्मा*
*🤲या अल्लाहﷻ आपﷺ के प्यारे तरीके हमें सीखा दे ,और आप ﷺ की सून्नत पर अमल करने की तौफीक दे*
*🤲या अल्लाहﷻ क़यामत के दिन हुज़ूर ﷺ की शिफ़ाअत नसीब फरमा*
*🤲या अल्लाहﷻ क़यामत के दिन हुज़ूर ﷺ के मुबारक हाथों से जाम-ए-कौसर पीना नसीब फ़र्मा*
*🤲या अल्लाहﷻ हमारे दिलों में अपनी और हुज़ूर ﷺ की  मोहब्बत नसीब फरमा*
*🤲या अल्लाह हमें सच्ची और पक्की तौबा करने की तौफ़ीक अता फ़र्मा*

*🤲 या-रहमान, या-रहीम, या-मलिक, या-कुदूस, या-सलाम, या-ग़फ़्फ़ार, या-ग़फ़ूर, या-करीम हमारे तमाम गुनाहों का माफ़ फ़र्मा*
*🤲या अल्लाह हमें गुनाहों  से नफ़रत दे दे, * या अल्लाहﷻ जाने अंजाने में हमसे जो गलतियां हुई है उन्हें माफ़ फ़र्मा, या-अल्लाह हम जो गलियतों की तौबा करना भूल गए उन गलतियों को भी माफ फरमा*
*🤲या अल्लाह तमाम मरहुमीन को जन्नत उल फिरदौस में जगह अता फरमा, दोज़ख़ के अज़ाब से कब्र के अज़ाब से और जहन्नुम के आग से बचा*
*🤲या अल्लाह हमें नेक बाना (अमीन)*
*🤲या अल्लाह हमारे बच्चों को नेक तौफीक और नेक हिदायत अता फरमा*
*🤲या अल्लाहﷻ हमारे बच्चों की ज़िन्दगी आसान कर दे*
*🤲या अल्लाहﷻ हमारे बच्चों  को इम्तेहान में  काम्याबी अता फरमा*
*🤲या अल्लाहﷻ हमें अपने  माँ बाप की तरफ़ प्यार और सब्र से पेश आने की तौफीक अता फरमा*
*🤲या अल्लाहﷻ तमाम उम्मते मुस्लिमा की जाइज़ दुआएं क़ुबूल फ़र्मा*
*🤲ऐ अल्लाह ﷻ* *हमारी दुआओं को अपने फ़ज़ल ओ करम से अपने रहम ओ करम से क़बूल फ़र्मा*

*रब्बना आतीना फिद दुनिया हसनतव् व फिल आखिरती हसनतव् व कीना अज़ाबन नार*
*व कीना अजाबुल क़ब्र* 
*व कीना अजाबुल हश्र*
*व कीना अज़ाबुल फक्र*
*व कीना अजाबुल मीज़ान*
*व कीना अजाबुल कर्ज़*
*व कीना अजाबुल मर्ज़*
*व कीना आज़ाबुल आफात*
*व कीना अज़ाबुल सकरात*
*व कीना अज़बुल मौत*
*व किना अज़ाबुल फ़ितनतुल*  *मसिहिद दज्जाल*
*व किना अज़ाबन्नार...* *(आमीन)*

*🤲 ऐ अल्लाहﷻ इस दुनीया से कोरोना की वबा का खातमा करदे*

*🤲और भेजने वाले की सारी जायज़ दुआ कबूल हो ... (आमीन)*

 *इस दुआ को इतना फैलाए के सारी  उम्मत की  मगफिरत हो जाए*

*ये बोहोत कीमती दुआ है सब को भेजो, सिर्फ़ अपने पास मत रखना..*   🤲

Wednesday, May 5, 2021

दुआ

बहुत ही प्यारी दुआ एक बार जरूर पढ़ें ।
ऐ अल्लाह रब्बुल इज़्ज़त ,🌙ऐ सारी क़ायनात के शहंशाह ,🌙ऐ सारी मख्लक़ू के पालने वाले ,🌙ऐ ज़िन्दगी और मौत का फैसला करने वाले ,🌙ऐ आसमानों और ज़मीनों के मालिक ,🌙ऐ पहाड़ों और समन्दरों के मालिक ,🌙ऐ इंसानो और जिन्नातों के माबूद ,🌙ऐ अर्श -ए -आज़म के मालिक ,🌙ऐ फरिश्तों के माबूद ,🌙ऐ इज़्ज़त और ज़िल्लत के मालिक ,🌙ऐ बीमारियों से शिफ़ा देने वाले ,🌙ऐ बादशाहों के बादशाह .🌙ऐ अल्लाह हम तेरे गुनाहगार बन्दे हैं ,🌙तेरे ख़ताकार बन्दे हैं ,🌙हमारे गुनाहों को माफ़ फरमा ,🌙हमारी ख़ताओं को माफ़ फरमा ,🌙ऐ अल्लाह हम अपने अगले पिछले,सगीरा,कबीरा, छोटे, बड़े सभी गुनाहों और खताओं की और ना -फरमानियों की माफ़ी मांगते हैं ...🌙ऐ अल्लाह रब्बुल इज़्ज़त हम अपने गुनाहों से तौबा करते हैं .हमारी तौबा क़ुबूल करले ..🌙ऐ अल्लाह हम गुनाहगार हैं ,🌙सियाकार हैं ,🌙बदकार हैं ,लेकिन जैसे भी हैं तेरे महबूब के उम्मती हैं🌙तेरे हुक्मो के ना-फरमान हैं ,🌙ना-शुकरे हैं लेकिन मेरे माबूद तेरे नाम लेवा बंदे हैं तेरी तौहिद की गवाही देते हैं .🌙तेरे सिवा कोई इबादत के लायक़ नहीं है .🌙तेरे सिवा कोई बंदगी के लायक नहीं है .🌙तेरे सिवा कोई ताऱीफ के लायक नहीं है .🌙हमारे माबूद हमारे गुनाह तेरी रहमत से बड़े नहीं हैं .🌙तू अपनी रहमत से हमें माफ़ करदे🌙ऐ अल्लाह पाक तू हमें गुमराही के रास्ते से हटा कर सिरातल मुस्तक़ीम के रास्ते पे चलने वाला बना दे🌙ऐ अल्लाह ऐसी नमाज़ पढ़ने की तौफ़ीक़ अता कर जिस नमाज़ से तू राज़ी हो जाये ,🌙ज़िंदगी में ऐसे नेक अमल करने कि तौफ़ीक़ अता कर जिन आमालों से तू राज़ी हो जाये .🌙हमें ऐसी ज़िन्दगी गुज़ारने की तौफ़ीक़ अता कर जिस ज़िंदगी से तू राज़ी हो जाये .🌙ईमान पे ज़िंदा रख और ईमान पे ही मौत अता कर .🌙ऐ अल्लाह हमें तेरे हुक्मों की फ़र्माबरदारी करने वाला बना ..🌙और तेरे प्यारे हबीब जनाबे मोहम्मद रसूलुल्लाह (सलल्लाहोता 'आला अलैहि वस्सल्लम ) के नेक और पाकीज़ा तरीकों को अपनी ज़िन्दगी में लाने वाला बना .🌙ऐ अल्लाह हमारी परेशानियों को दूर करदे ,🌙ऐ अल्लाह जो बीमार हैं उन्हें शिफ़ा ए-कामिला अता फरमा .🌙ऐ अल्लाह जो क़र्ज़ के बोझ से दबे हुए हैं उनका क़र्ज़ जल्द से जल्द अदा करवा दे ,🌙ऐ अल्लाह शैतान से हमारी हिफाज़त फरमा🌙ऐ अल्लाह इस्लाम के दुश्मनों का मुँह काला कर ,🌙ऐ अल्लाह हलाल रिज़्क़ कमाने कि तौफ़ीक़ अता फरमा ,🌙 ऐ मेरे परवरदिगार पूरी दुनिया मे जितने लोग वफात पा चुके हैं उनकी मग्फिरत फरमा . .🌙उन्हे कब्र के अज़ाब से माफ फरमा . .🌙जो बीमार हैं या परेशान हैं तू अपने करम से माफ फरमा🌙और उनकी बीमारी और परेशानी को दूर फरमा. .🌙और ऐ मेरे परवरदिगार जिसने मुझे ये दुआ भेजी है उसके तमाम गुनाहो को माफ फरमा. .🌙और हर काम में क़ामयाबी अता फरमा . .🌙और उसके नसीब खोल दे. .🌙 ऐ परवर्दिगार- ए -आलम हमें माँगना नहीं आता लेकिन तुझे देना आता है तू हर चीज़ पे क़ादिर है..🌙 ऐ अल्लाह जो मांगा वो भी अता फरमा जो मांगने से रह गय वो भी इनायत फरमा ...🌙 हमारी दुआ अपने रहम से अपने करम से हुजूर सल्लल्लाहो ताला अलेही वसल्लम के वसीले से क़ुबूल फरमा .और  परेशानियों,तकलीफ़ों,बिमारियों को दूर फरमा और सेहत तंदरूस्ती अताकर..🌹आमीन🌹आमीन🌹आमीन

Friday, April 30, 2021

17 रमज़ान शरीफ

17 रमज़ान शरीफ
*आज की तारीख़‌ अपने दामन‌ में 3 यादें समेटे हुए है।*
*1 आ़लमे इस्लाम की पहली जंग जंगे बद्र*
*2 विसाले उम्मुल मौमिनीन शहज़ादिये सिद्दीक़े अकबर ज़ौजा ए रसूल हज़रते सय्यदा आ़इशा सिद्दीक़ा रदि अल्लाहु अंहा*
*3 विसाले शहज़ादिये रसूल ज़ौजा ए हज़रते सय्यदना उस्मान ज़ुन्नूरैन हज़रते सय्यदा रुक़य्या रदि अल्लाहु अंहा*
*तमामी हज़रात ज़्यादा से ज़्यादा नियाज़ का एहतेमाम ज़रूर करें।*
*🤲🏻फैजाने पंजतन

17 रमज़ान यौमे विसाल हज़रत सय्यदा आयशा सिद्दीक़ा सलामुल्लाह अलैहा

17 रमज़ान यौमे विसाल
मोमिनो की माँ सय्यदा ताहिरा ज़ाहिदा सिद्दीक़ा आबिदा उम्मुल मोमिनीन ज़ोजा ए रसूल ﷺ हज़रत सय्यदा आयशा सिद्दीक़ा सलामुल्लाह अलैहा बिन्ते सिद्दीक़-ए-अकबर अमीरुल मोमनीन सैयदना अबू बकर सिद्दीक़ रदियल्लाहो ता'अला अन्हा

बिंते सिद्दीक आरामी जान ए नबी ﷺ
उस हरीम बराअत पे लाखों सलाम
यानी है सूरह नूर जिनकी गवाह
उनकी पूरनूर सूरत पे लाखों सलाम

या अल्लाह इनके वासिले से उम्मते मुहम्मदियाﷺ की बेहिसाब मग़फ़िरत फरमा!
"मोमिनो की है माँ सय्यदा आयशा
जोज़ा ए मुस्तफ़ा सय्यदा आयशा"

दुनिया की वाहिद खातून जिनकी पाक दामनी की गवाही अल्लाह पाक ने ख़ुद क़ुरान में दी!

17 रमज़ान

❤17 रमज़ान ये वो अज़ीम दिन है जब #इस्लामी तारीख की पहली बड़ी जंग "#जंग-ए-#बदर" में हज़रत मुहम्मद (صلى الله عليه وسلم) और उनके 313 सहाबा ने #कुफ़्फ़ार ए क़ुरैश अबु ज़हल,अबू सुफियान की एक बड़ी फौज पर #फ़तह हासिल की थी।

इस #जंग में सिर्फ 313 सहाबी, #कुफ़्फ़रो पर भारी पड़े थे। हज़रत हमजाرضي الله عنه और अली رضي الله عنهमुसलमानों को लीड कर रहे थे। #हज़रत_अली ने अकेले 36 कुफ्फारों को जहन्नाम का रास्ता दिखाया था। इस जंग में 14 #सहाबी भी #शहीद हुए।

ये वो वक़्त था जब #अल्लाह की रहमत जमीन पर उतर आई थी। अल्लाह के फ़रिश्ते कुफ़्फ़रो पर कहर बनकर टूटे थे।उस वक़्त #मुसलमानों के ज़ोक़ का ये #आलम था कि की नव उम्र सहाबा आप صلى الله عليه وسلم से #आंखें बचाते थे कही उनको कम उम्र की वजह से वापस न भेज दिया #जाय।

इस जंग में #मुसलमानों की फतह हुई अबु सुफियान बच निकला और वापस जाकर #क़ुरैश को बरगलाना शुरू कर दिया। 

ये वही वक़्त था जहाँ से यहूदी, #मुसलमानों के खुले #दुश्मन हो गए। यहूदी इस इंतेज़ार में थे कि कुफ़्फ़र की फौज़ आसानी से चंद मुसलमानों को खत्म कर देगी पर ऐसा नही हुआ। #यहूदियों को दुख हुआ और अबू सूफ़ियान से जा मिले और इनके ग़म में मातम भी मनाया।

#अल्लाह उन सहबियों की शहादत के सदके तुफ़ैल में हमारी मग़फ़िरत आता #फरमाए

#Jang_E_Badar #313sahabi 
❤

Wednesday, April 28, 2021

आयतुल कुर्सी पढ़ने की फ़ज़ीलत 🌹

एक दिन
हमारे नबी ए पाक मसजिदे नबवी मे जोहर
कि नमाज का वुजु बना रहे थे.. इतने मैंएक
सहाबी हजरते सलमान फारसी.(r)
रोते
हुए आये. हमारे नबी ने फरमाया ऎ सलमान
रोते क्यो हो ..सलमान फारसी (r)
ने
फरमाया ए मेरे नबी मेरा एक जवान बेटा है
जो बहुत बीमार है मुझे डर है कि मै नमाज
पढ के घर जाऊँ और कहीँ मेरा बेटा अल्लाह
को प्यारा न हो जाए..इसिलिये मै
रो रहा हुँ.सलमान फारसी (r)
की बात
सुनकर हमारे नबी ने फरमाया ऎ सलमान एक
पानी का भरा हुवा प्याला लाओ..अब
आयतुल कुर्सी मै भी पढता हुँ .. और
तुम
भी पढो .. फिर इस पानी मे फूंक
मारो..लिहाजा पानी मे फूंक मारनेके
बाद हमारे नबी ने वो प्याला सलमान
फारसी (r)
को देकर फरमाया
सलमान घर
जाओ ओर ये पानी अपने बेटे
को पीला दो.सलमान फारसी (r)
घर गये
ओर बाहर से
ही पानी का प्याला घरवालोँ को देकर
नमाज पढने की फिक्र मे वापस मसजिदे
नबवी आये..उनको फिक्र ये
थी कि कहीँ मेरी नमाज छुट न
जाए ..नमाज के बाद हमारे नबी ने जैसे
ही सलाम फेरा ..अभी दुआ
बाकी थी..
सलमान फारसी (r)
फौरन अपने
बेटे
की फिक्र मे खडे हो कर जाने लगे..कुछ कदम
आगे चलने के बाद सलमान फारसी (r)
के
कदम वहीँ रुक गये ..उन्होने
देखा की आखरी सफ मेउनका बेटा नमाज
पढ रहा था.हमारे नबी ने सलमान
फारसी (r)
के सामने देखा और
मुसकुराने
लगे सलमान फारसी (r)
के
आखोँ मे आँसु
आए ..हमारे नबी ने सलमान फारसी (r)
से
फरमाया ऎ सलमान क्या तु ये
समझा कि तेरा बेटा अल्लाह
को प्यारा हो जाएगा ..दुनिया की सारी दवाए,
जहाँ काम करना बँद करते है ..वहीँ से
तो आयतुल कुर्सी अपना काम शुरु
करती है..मैने आयतुल कुर्सी पढा ऎ
सलमान
तुने आयतुल कुर्सी पढा. और कयामत तक आने
वाले मेरे जो भी उम्मती आयतल
कुर्सी पढकर पानी पे दम करके
पीएगा इंशा अल्लाह, अल्लाह फौरन उसे
शीफा देगा...
नमाज इस लिए ना पडो की मुझे जननत में जाना है,अौर
ना इस लिए पडो की मुझे जहननम से बचना है ,बलके
इस लिए पडो की "मेरा रब इबादत के काबील
है"
 🌹आयतुल कुर्सी    
  📖पढ़ने की 
                  फ़ज़ीलत 🌹

* 🏠घर से निकलते   
           वक़्त पढोगे 
     तो 70,000 फ़रिश्ते
      हर तरफ
      से आपकी 
         हिफाज़त करेंगे !
               🌹आमिन🌹
🏡घर में दाखिल होते    
         वक़्त पढोगे तो 
     आपके घर से
   मोहताजी दूर होगी !
          🌹सुबहानअल्लाह🌹 
👉 वुजू के बाद पढोगे
      तो आपके 70 दर्जे     
      बुलंद होंगे!
                         🌹सुबहानअल्लाह🌹 
    
    🌌 रात को सोते वक़्त 
           तीन बार पढोगे
         तो सारी रात
      अल्लाह
     की हिफाज़त में रहोगे
                   🌹आमिन🌹
👆अगर फ़र्ज़ नमाज़   
         के बाद पढोगे 
        तो मरने के बाद
         आपका 
    एक पैर ज़मीन पर 
   और 
      दूसरा जन्नत में होगा!
                  🌹आमिन🌹
             कोई भी 
     बात किसी को 
     बताना सद्काए 
                    जरिया है 
  👆अगर किसी एक 
         ने भी अमल
          किया तो आपको 
         भी उतना ही 
     सवाब
        होगा जितना इसके     
       पढने वाले को
      अल्लाह हमें 
     अमल की तोफीक 
      अता फरमाए
                    आमीन!

 Roko mat aage bejo.
   Allah हाफिज़ दोस्तोँ
 💐🌻🌺हदीस :-जब तुम अपने बिस्तर पर जाओ तो सुराः फ़ातिह और सूरह इखलास को पढ़ लिया करो, तो मौत के अलावा हर चीज़ से बेखौफ हो जाओगे. 
वह दिन क़रीब है जब आसमान पे सिर्फ एक सितारा ⭐होगा. तौबा का दरवाज़ा बंद कर दिया जायेगा. क़ुरआन के हरूफ मिट जायेंगे , सूरज ज़मीन के बिलकुल पास आ जायेगा रसूल अल्लाह सल्लल
लाहो अलैह वसल्लम ने फ़रमाया "बेनूर हो जाये उसका चेहरा जो कोई मेरी हदीस को सुन कर आगे न पोहचाए.

Sunday, April 18, 2021

ઈફ્તાર રમઝાન

🤲ઇસ દુઆ કો ઈફ્તાર (રોઝા છોડ ને) 🤲

 🕖 કે 20 મિનિટ પેહલે પેહલે હો સકે તો પઢે 📖 

કયું કે વોહ વક્ત બહોત હિ બેહતરીન વક્ત હોતા હૈ 🔎 🤲 દુઆ કરને કે લિયે

🔉 - એક છોટા સા વાકયા સુનલો તાકે ઈમાન તાજા હો જાયે
 - મુસા અલયહિ સલામ ને અલ્લાહ તઆલા સે પુછા યા અલ્લાહ મે જીતને આપકે કરીબ હું ઉતના કોઈ ઓર કરીબ હૈ ?
અલ્લાહ તઆલા ને ફરમાયા કે મુસા આખરી વક્ત મે 1 ઉમ્મત આયેગી વોહ ઉમ્મત મોહંમદ સલ્લલ્લાહુ અલયહિ વ સલ્લમ કી ઉમ્મત હોગી ઓર ઉસ ઉમ્મત
કો 1 મહિના એસા મિલેગા જિસમે વોહ સુખે હોઠો. પ્યાસી જબાન. સુખી હુઇ આખે. ભૂખે પેટ. જબ ઈફ્તાર કરને બેઠેગે તબ મે ઉન્કે બહોત કરીબ રહુંગા 
મુસા તુમ્હારે ઓર મેરે બીચ મે 70 પરદો કા ફાસ્લા હૈ લેકિન ઈફ્તાર કે વક્ત ઉન ઉમ્મતી ઓર મેરે બીચ મે એક ભી પરદે કા ફાસલા નહિ હોગા ઓર જો દુઆ વોહ માંગે ગે વોહ કુબુલ કરના મેરી જીમ્મેદારી રહેગી, 

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અલ્લાહ તઆલાﷻ કે નામ કે બાદ ﷻ જલ્લ જલાલહુ = પઢે 

નબી એ કરીમ ﷺ કે નામ કે બાદ ﷺ સલ્લલલાહુ અલયહિ વ સલ્લમ = પઢે

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⭐🤲યા અલ્લાહﷻ હમારે સગીરા વો કબીરા ગુનાહો કો માફ ફરમા.

⭐🤲 યા અલ્લાહﷻ હમારી ખતા ઓ કો દર ગુજર ફરમા.

⭐🤲 યા અલ્લાહﷻ હમે લેલતુલ કદ્ર નસીબ ફરમા.

⭐🤲 યા અલ્લાહﷻ કામિલે ઈમાન નસીબ ફરમા ઓર પૂરી હિદાયત ફરમા.

⭐🤲 યા અલ્લાહﷻ હમારી જબાન પર ક્લમા એ તય્યબા હમેશા જારી રખ.

⭐🤲 યા અલ્લાહﷻ પૂરે રમઝાન કી રેહમતે બરકતે ઓર અનવારાથ સે માલામાલ ફરમા.

⭐🤲 યા અલ્લાહﷻ હમારે દિલો કો ઇખલાસ કે સાથ દીન કી તરફ ફેર દે.

⭐🤲 યા અલ્લાહﷻ અપની ખાસ રહમત નાજિલ ફરમા ઓર અપને કહર વ અઝાબ સે બચા.

⭐🤲 યા અલ્લાહﷻ જૂઠ, ગીબત, કીના, ચુગલી, બોગજ, તકબ્બુર બુરાઈ ઓર જગડે સે હમારી હીફાજત ફરમા.

⭐🤲 યા અલ્લાહﷻ એક લમહે કે લિયે ભી હમકો દુનિયા કે હવાલે ના ફરમા.

⭐🤲 યા અલ્લાહﷻ તગદસ્તી, ખોફ, ગભરાહટ ઓર કર્જ કે બોજ કો દૂર ફરમા.

⭐🤲 યા અલ્લાહﷻ હશ્ર કી રૂસ્વાઈ સે હમે ઓર હમારે વાલિદૈન ઓર તમામ ઉમ્મત-એ-મોહમ્મદિયા કી હીફાજત ફરમા.

⭐🤲 યા અલ્લાહﷻ પુલ સિરાત સે બિજલી કી તરાહ ગુજાર દે

⭐🤲 યા અલ્લાહﷻ બીના હિસાબ વ કિતાબ જનન્તુલ ફિરદોસ મે હમે જગહ અત્તા ફરમા.

⭐🤲 યા અલ્લાહﷻ નામ એ આમાલ હમારે દાહિને હાથ મે અત્તા ફરમા.

⭐🤲 યા અલ્લાહﷻ અપને અર્શ કે સાયે મે હમે જગા નસીબ ફરમા

⭐🤲 યા અલ્લાહﷻ હજજ એ બૈતુલ્લાહ મકબૂલ વો મબરુર નસીબ ફરમા.

⭐🤲 યા અલ્લાહﷻ મુંકિર નકિર કે સવાલાત હમ પર આસાન ફરમા.

⭐🤲 યા અલ્લાહﷻ હલાલ રોજી અત્તા ફરમા.

⭐🤲 યા અલ્લાહﷻ ઇસ દુનિયા સે તમામ બીમારીઓ કા ઓર બિલખુસુસ કોરોના વાયરસ કી વબા કા ખાતમાં કરદે.

⭐🤲 યા અલ્લાહﷻ કયામત કે રોજ અપના દીદાર અત્તા ફરમા.

⭐🤲 યા અલ્લાહﷻ હમે તેરે બંદો કા મોહતાજ ન બના

⭐🤲 યા અલ્લાહﷻ છોટી બળી બીમારી સે હમારી ઓર કુલ ઉમ્મત એ મોહમ્મદિયા કી હિફાજત ફરમા 

⭐🤲 યા અલ્લાહﷻ તકવા ઓર પરેજગારી નસીબ ફરમા

⭐🤲 યા અલ્લાહﷻ આપ ﷺ કે પ્યારે તરીકે હમકો સિખા દે, ઓર આપ ﷺ કી સુન્નતો પર અમલ કરને કી તોફિક દે 

⭐🤲 યા અલ્લાહﷻ કયામત કે દિન હુજૂર ﷺ કી શિફાઅત નસીબ ફરમા

⭐🤲 યા અલ્લાહﷻ કયામત કે દિન હુજૂરﷺ કે મુબારક હાથો સે જામ-એ-કૌસર પીના નસીબ ફરમા

⭐🤲 યા અલ્લાહﷻ હમારે દિલો મે અપની ઓર હુજૂરﷺ કી મોહબ્બત નસીબ ફરમા 

⭐🤲 યા અલ્લાહﷻ હમે સચી 
ઓર પક્કી તૌબા કરને કી તોફિક અત્તા ફરમા

⭐🤲 યા-રહમાન, યા-રહીમ, યા-મલિક, યા-કુદૂસ, યા-સલામ, યા-ગફફાર, યા-ગફુર, યા-કરીમ, હમારે તમામ ગુનાહો કો માફ ફરમા, 

⭐🤲 યા અલ્લાહﷻ હમે ગુનાહો સે નફરત દેદે,

⭐🤲 યા અલ્લાહﷻ જાને અંજાને મે હમસે જો ગલતિયા હુઈ હૈ ઉન્હે માફ ફરમા,

⭐🤲 યા અલ્લાહﷻ હમ જો ગલતિયો કી તૌબા કરના ભૂલ ગએ હૈ ઉન ગલતિયો કો ભી માફ ફરમા 

⭐🤲 યા અલ્લાહﷻ તમામ મરહુમીન કો જન્નત ઉલ ફિરદૌસ મે જગાહ અત્તા ફરમા,

⭐🤲 યા અલ્લાહﷻ કબ્ર કે અઝાબ સે દોજખ કે અઝાબ સે ઓર જહન્નુંમ કી આગ સે હમે મેહફુસ ફરમાના,

⭐🤲 યા અલ્લાહﷻ હમે નેક બના એક બના આપસ મે પ્યાર મોહબ્બત સે રેહને વાલા બના

⭐🤲 યા અલ્લાહﷻ હમારે બચ્ચો કો નેક તોફિક ઓર નેક હિદાયત અત્તા ફરમા,

⭐🤲 યા અલ્લાહﷻ હમારે બચ્ચો કી જિંદગી આસાન કરદે,

⭐🤲 યા અલ્લાહﷻ હમારે બચ્ચો કે ઇમતેહાન મે કામયાબી અત્તા ફરમા,

⭐🤲 યા અલ્લાહﷻ હમે અપને માં બાપ સે પ્યાર ઓર સબ્ર સે પેશ આને કી તોફિક અત્તા ફરમા,

⭐🤲 યા અલ્લાહﷻ તમામ ઉમ્મતે મુસ્લીમા કી જાયેજ દુઆ ઓ કો કુબુલ ફરમા 

🤲 રબ્બના અતીના ફિદ દુનિયા હસનાત ઓ વા ફિલ આખીરાતી હસનાત ઓ વકીના અજાબન નાર 
🤲 વકીના અજાબુલ કબ્ર
🤲 વકીના અજાબુલ હશ્ર
🤲 વકીના અજાબુલ ફક્ર
🤲 વકીના અજાબુલ મિજાન 
🤲 વકીના અજાબુલ કર્જ
🤲 વકીના અજાબુલ મર્જ
🤲 વકીના અજાબુલ આફાત 
🤲 વકીના અજાબુલ સકરાત
🤲 વકીના અજાબુલ મૌત
🤲 વકીના અજાબુલ ફિતનાતુલ
મસિહિદ દજ્જાલ 
🤲 વકીના અજાબન નાર... (આમીન)

⭐🤲 યા અલ્લાહﷻ ઇસ દુનિયા સે કોરોના કી વબા કા ખાતમા કરદે,

⭐🤲 યા અલ્લાહﷻ યે દુઆ કો આગે ભેજને વાલે કી ભી હર નેક જાયજ તમન્ના કબૂલ કરના ઓર નેક હિદાયત અત્તા ફરમાના ઓર ઈન્કી તૌબા કો ભી કબૂલ કરના ઓર માફ ફરમાના 

⭐ ઇસ દુઆ કો હોસકે તો ઇતના ફેલાઓ કે હર ઉમ્મતી તક પોહચ જાયે તાકે તમામ ઉમ્મતી ઇસ દુઆ કા લુત્ફ હાસીલ કર સકે 

 🌹 _*آميــــــــــــــــــــن يَارَبَّ الْعَالَمِين*🌹_ 🤲

સદકો

પગાર ને મહીના ની છેલ્લી તારીખ સુધી બચાવવા નો તરીકો

( ઉર્દુ માંથી ગુજરાતી કરેલ )

આ કિસ્સો એક સઉદી નૌ જ વાન નો છે. તેને પોતાની જીંદગી માં સુકુન અને ચેન ન હતું. તેનો પગાર ખાલી ચાર હજાર રીયાલ હતો. શાદી શુદા હોવાનાં કારણે તેનો ખર્ચ તેનાં પગાર થી બહુ વધારે હતો. મહીનો પુરો થાય તે પહેલાં જ તેનો પગાર પુરો થઈ જતો અને તેને ઉછીના પૈસા લેવા પડતાં હતાં. અને આવી જ રીતે તે ધીરે ધીરે ઉછીના પૈસા લેવા નાં ચક્કર માં ડુબતો જતો હતો અને તેને યકીન થવા લાગ્યો હતો કે હવે તેની જીંદગી આવી જ હાલત માં ગુજરી જશે - તેમ છતાં કે તેની પત્ની તેના જીંદગી ની હાલત નો ખ્યાલ કરતી. પણ ઉછીના લીધેલા પૈસા નાં બોઝ માં તો સાશ્વ લેવો પણ મુશ્કીલ હોય છે.
એક દિવસ તે તેના દોસ્તો ની મીટીંગ માં ગયો. ત્યાં એ દિવસે એક એવો દોસ્ત પણ હતો જે સારી સલાહ આપતો હતો અને તે નૌ જવાન નું એવું કેહવુ હતું કે હું મારા દોસ્ત ના મશવરા ની કદ્ર કરતો હતો.
નૌ જવાન કેહવા લાગ્યો કે : મેં મારા દોસ્ત નેં વાતો વાતોમાં મારી મુસીબતો ની કહાની કહીં સંભળાવી અને મારી માલી મુશ્કેલીઓ ને તેનાં સામે મુકી. તેણે મારી વાત સાંભળી અને તેણે કહ્યું કે મારી સલાહ એમ છે કે તમે તમારી પગાર માથી થોડોક હીસ્સો સદકા માટે નક્કી કરો - તે સઉદી નૌ જવાને તઅજજુબ થી કહ્યું : ભાઈ સાહબ. મારે ઘરના ખર્ચા પુરાં કરવાં માટે ઉછીના પૈસા લેવા પડે છે અને તમે સદકો આપવાનું કહીં રહ્યા છો ?‌ 

ખેર મેં ઘરે આવીને મારી પત્નીને આખી વાત કરી તો મારી પત્ની કેહવા લાગી કે : ચેક કરવા માં શું વાંધો છે ? થઈ શકે છે કે અલ્લાહ ત‌આલા તમારી ઉપર રોજી નાં દરવાજા ખોલી દે.

નૌ જવાન કહે છે કે : મેં મહીના ના ચાર હજાર રીયાલ માંથી ત્રીસ રીયાલ સદકો આપવા માટે નક્કી કર્યા અને મહીના ની છેલ્લી તારીખે સદકો આપવાનું શરૂ કર્યું.
સુબ્હાન લ્લાહ ! કસમ ખાઈને કહું છું. મારી તો હાલત જ બદલાઈ ગઈ. ક્યાં હું દર વખતે માલ નાં ટેનશનો માં અને વિચારો માં રહેતો હતો અને ક્યાં હાલ ની મારી જીંદગી એમ થતું હતું કે ફુલ બની ગ‌ઈ‌‌. હલકી ફુલકી અને આસાન. લોકો પાસે થી ઉછીના પૈસા લીધેલા હોવા છતાં હું પોતાને આઝાદ સમજતો હતો. એક એવું દિમાગી ચેન સુકુન હતું કે શું કહું !
થોડા મહિના પછી મેં મારી જીંદગી ને સેટ કરવાનું શરૂ કર્યું. મારાં પગાર ને મેં અલગ અલગ હિસ્સા ઓ માં ‌વેહચી દીધો. અને આમ એવી બરકત થ‌ઈ કે જેવી પેહલા ક્યારેય ન હોતી થ‌‌ઈ - મેં હિસાબ લગાવી લીધો અને મને એક અંદાજો મળી ગયો કે કેટલી મુદ્ત માં ઈન શા અલ્લાહ ઉછીના લીધેલા પૈસા ના બોજ થી મારી જાન છુટી જશે.
પછી અલ્લાહ ત‌આલાએ એક બીજો રસ્તો ખોલ્યો અને મેં મારા એક સાથી સાથે તેના પ્રોપર્ટી નાં કામમાં ભાગ લેવા નું શરૂ કર્યું. હું તેને ગ્રાહક લાવીને આપતો અને તેના પર મને ખાસ પ્રોફીટ મળતું.
અલ્હમ્દુ લિલાહ ! હું જ્યારે પણ કોઈ ગ્રાહક ની પાસે જતો તે મને કોઈ બીજા ગ્રાહકો સુધી જરૂર પોંહચાડતો.
હું ત્યાં પણ એ જ અમલ કરતો હતો કે જ્યારે પણ મને પ્રોફીટ મળતું હું તેમાંથી અલ્લાહ માટે સદકો જરૂર નીકાળતો.

અલ્લાહ ની કસમ !‌ સદકો શું છે ? કોઈ નથી જાણતું. સિવાય એનાં જેણે એને અપનાવ્યો હોય.
સદકો કરો . અને સબ્ર થી કામ કરો. અલ્લાહ નાં ફઝલ થી ખેર અને બરકત પોતાની આંખો થી ઉતરતી જોશો.

નોટ : 
૧. જ્યારે તમે કોઈ મુસલમાન ને પગાર માંથી સદકો આપવા માટે રકમ નક્કી કરવાનું કેહશો અને એ તેનાં પર અમલ કરશે તો તમને પણ એટલો જ સવાબ મળશે જેટલો સદકો આપવા વાળા ને મળશે. અને સદકો આપવા વાળા ના સવાબ માંથી કંઈ પણ કમી થશે નહીં.

સોચો !!!
તમે આ દુનિયા છોડી ને જતા રહેશો અને તમારા કારણે તમારા પાછળ કોઈ સદકો કરતું રહેશે !

૨. એવી જ રીતે જો તમે આ મેસેજ આગળ પોંહચાડશો અને કોઈ એ સદકો આપવાનો નિર્ણય કરી લીધો તો તમને પણ સદકો આપવા વાળા નાં બરાબર સવાબ મળશે.
( જેવી રીતે મેં આ મેસેજ ને વાંચીને સદકો કરવાનો મ‌અમુલ બનાવ્યો. અને કસમ ખાઈને કહું છું કે.સૌથી વધારે ફર્ક મારાં દિમાગી હાલત પર પડ્યો. એક એવું ચેન અને સુકુન મહેસુસ થયું કે તેનો જવાબ નથી )

મારાં સાથીયો !!!
ભલે તમે તાલિબે ઇલ્મ હોવ. અને તમને એક ખાસ કિંમત મળે છે તો પણ તમે થોડું ઘણું જે થઈ શકે તે કંઈક ને કંઈક રકમ સદકા માટે નક્કી કરો.

જો સદકો આપવા વાળો જાણી લે અને સમજી લે કે તેનો સદકો ફકીર નાં હાથ માં જાય તે પહેલાં અલ્લાહ નાં હાથ માં જાય છે તો યકીનન આપવા વાળા ને લેવા વાળા કરતા વધારે ખુશી થશે.

શું તમને સદકા ના ફાયદાઓ ખબર છે ? 
ખાસ કરીને ૧૭. ૧૮. ૧૯ ને ધ્યાન થી વાંચજો.

સાંભળી લ્યો ! 
સદકો આપવા વાળા પણ અને જે સદકો આપવા નું કારણ બને છે તે પણ !!! 

૧. સદકો જન્નત નાં દરવાજા માંથી એક દરવાજો છે.
૨. સદકો નેક અઅમાલ માં અફઝલ અમલ છે. અને સૌથી સારો સદકો ખાવા ખવડાવું છે.
૩. સદકો કયામત નાં દિવસે છાંયડો હશે. અને તે તેના આપવા વાળા ને આગ થી બચાવશે.
૪. સદકો અલ્લાહ ત‌આલા નાં ગુસ્સા ને ઠંડો કરી દે છે. અને કબ્ર ની ગરમી માં ઠંડક નો હથિયાર છે
૫. મય્યત માટે સૌથી સારો તોહફો અને સૌથી વધારે નફો પોંહચાડવા વાળી વસ્તુ સદકો છે. અને સદકા ના સવાબ ને અલ્લાહ તઆલા વધારતા રહે છે.
૬. સદકો પાકી છે. દિલ ની પાકી નો સામાન છે અને નેકીયો ને વધારે છે.
૭. સદકો કયામત નાં દિવસે સદકો કરવા વાળા ના ચેહરા ની ચમક અને નિખાર નો સામાન છે. 
૮. સદકો કયામત ની તકલીફો નાં ડર થી બચાવ છે. અને પાછળ વિતેલા પર અફસોસ નથી થવા દેતો.
૯. સદકો ગુનાહો ની મગ્ફીરત નો સામાન અને બુરાઈઓ નો બદલો છે.
૧૦. સદકો ખુશ ખબરી છે સારા ખાત્મા ની. અને ફરિશ્તાઓ ની દુઆ નો સામાન છે.
૧૧. સદકો આપવા વાળો સારા લોકો માંથી છે. અને તેનો સવાબ હર એ વ્યક્તિ ને મળે છે જે તેમાં કોય પણ રીતે શામિલ હોય.
૧૨. સદકો આપવા વાળા થી બહુ વધારે ભલાઈ અને મોટા બદલા નો વાયદો છે.
૧૩. ખર્ચ કરવો એ આદમી ને તકવા વાળા ઓ ની લાઈન માં ઉભો કરી દે છે. અને સદકો કરવા વાળા થી અલ્લાહ ની મખ્લુક મોહબ્બત કરે છે.
૧૪. સદકો કરવો એ નેકી ભલાઈ અને સખી હોવાની નિશાની છે.
૧૫. સદકો દુઆઓ ના કબુલ થવાનું અને મુશ્કેલીઓ થી છુટકારો મેળવવા નું સામાન છે.
૧૬. સદકો મુશિબતો ને દુર કરે છે અને દુનિયામાં સિત્તેર દરવાજા બુરાઈઓ નાં બંધ કરે છે.
૧૭. સદકો ઉંમર માં અને માલ માં વધારો થવાનો સામાન છે. કામયાબી અને વધારે રોજી નો સામાન છે.
૧૮. સદકો ઈલાજ પણ છે.દવા પણ છે અને શીફા પણ.
૧૯. સદકો આગ થી બળી જવાથી. ડુબી જવાથી. ચોરી અને ખરાબ મોતને રોકે છે.
૨૦. સદકા નો બદલો મળે છે ભલે જાનવરો પક્ષીઓ પર કેમ ન હોય.